रांची | झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक के दौरान राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विकास योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विकास कार्यों में तेजी लाने के लिए विभागों के बीच आपसी समन्वय स्थापित किया जाए और कार्यों में पूरी पारदर्शिता बरती जाए।
बैठक की मुख्य बातें (Key Highlights):
-
खनन राजस्व में बढ़त: झारखंड का खनन राजस्व पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ से बेहतर स्थिति में।
-
बायोमैट्रिक अनिवार्य: प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता के लिए सभी कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति सख्ती से लागू करने के निर्देश।
-
कर चोरी पर लगाम: जीएसटी और वैट संग्रह बढ़ाने के साथ कर चोरी रोकने के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर।
-
संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन: बजट आकलन और पूंजीगत प्राप्तियों के समुचित उपयोग पर विशेष फोकस।
खनन राजस्व में झारखंड का शानदार प्रदर्शन
वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान यह महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया कि खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन और पारदर्शी नीतियों के कारण झारखंड का खनन राजस्व पड़ोसी राज्यों ओडिशा और छत्तीसगढ़ के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है।
मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने इस उपलब्धि पर संतोष जताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस सकारात्मक रुझान को बनाए रखा जाए। इसके साथ ही, उन्होंने अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने और खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के अधिकाधिक उपयोग का सख्त निर्देश दिया।
पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक प्रणाली पर जोर
प्रशासनिक कार्यों में जवाबदेही और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री ने ई-गवर्नेंस और बायोमैट्रिक प्रणाली पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित कार्यालयों और विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़ी प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए। उनका मानना है कि समन्वित कार्यप्रणाली और पारदर्शी व्यवस्था से विकास योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा।
वाणिज्य-कर: राजस्व वृद्धि और करदाताओं की सुविधा पर फोकस
वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा के दौरान वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT) और प्रोफेशनल टैक्स की वसूली व निगरानी पर व्यापक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा:
-
करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन (Voluntary Compliance) को प्रोत्साहित करना।
-
तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाकर कर वंचना (Tax Evasion) पर लगाम लगाना।
-
विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल और जवाबदेह बनाना ताकि करदाताओं को असुविधा न हो।
बैठक में ये शीर्ष अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार और वाणिज्य-कर विभाग के सचिव श्री अमित कुमार सहित राज्य सरकार के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
