तेहरान । अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर जारी चर्चाओं के बीच ईरान के एक वरिष्ठ सांसद ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि राष्ट्रीय हितों और रणनीतिक मुद्दों पर किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनके इस कड़े बयान ने दोनों देशों के बीच चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया और भावी रणनीतियों को लेकर एक नई वैश्विक बहस छेड़ दी है।
सुरक्षा संबंधी हितों को मिले पर्याप्त महत्व: महमूद नबावियन
ईरानी सांसद महमूद नबावियन ने दोटूक शब्दों में कहा कि यदि भविष्य में अमेरिका के साथ होने वाले किसी भी समझौते में ईरान की प्रमुख मांगों और सुरक्षा संबंधी हितों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता है, तो ऐसा समझौता देश के लिए कतई लाभकारी नहीं माना जाएगा। उनका साफ तौर पर कहना था कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते का मूल उद्देश्य राष्ट्रीय हितों की पूर्ण रक्षा होना चाहिए, न कि देश की रणनीतिक स्थिति को कमजोर करना।
इन प्रमुख बिंदुओं पर संतुलित सहमति आवश्यक
सांसद नबावियन ने स्पष्ट किया कि वार्ता के दौरान कई ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें ईरान बेहद संवेदनशील और अहम मानता है। इनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
क्षेत्रीय संप्रभुता और अधिकार
आर्थिक प्रतिबंधों (सेंक्शन्स) को पूरी तरह हटाने से जुड़े मामले
विदेशों में अटकी ईरानी संपत्तियों की सुरक्षित वापसी
भविष्य के लिए ठोस सुरक्षा गारंटी
परमाणु कार्यक्रम से जुड़े देश के संप्रभु अधिकार
उनके अनुसार, इन सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर पूरी तरह संतुलित, पारदर्शी और स्पष्ट सहमति होना अनिवार्य है। यह तीखा बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच पर्दे के पीछे और विभिन्न स्तरों पर कूटनीतिक गतिविधियां काफी तेज हैं। पिछले कुछ समय से दोनों पक्षों के बीच वार्ता की संभावनाओं और मध्य पूर्व में तनाव कम करने के प्रयासों को लेकर अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं।
