रांची । देश और झारखंड में गहराते पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ईंधन की खपत कम करने और वीआईपी कारकेड (काफिला) छोटा करने की सलाह पर राजनीति गर्मा गई है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रधानमंत्री की इस सलाह पर बेहद तीखी और व्यंग्यात्मक टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि देश की स्टेयरिंग सीट पर अब प्रधानमंत्री बैठे हैं और वह जैसा चाहेंगे, देश वैसा ही चलेगा।
“2014 से ही देश का यही हाल है”
झारखंड मंत्रालय (सचिवालय) में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देश के मौजूदा हालातों पर तंज कसा। उन्होंने कहा “जो हाल आज पेट्रोल पंपों के बाहर लंबी कतारों के रूप में दिख रहा है, वह कोई नया नहीं है। यह स्थिति तो साल 2014 से ही लगातार बनी हुई है।”
जब मीडिया ने उनसे प्रधानमंत्री द्वारा वीआईपी काफिलों को छोटा करने के सुझाव पर सवाल पूछा, तो सीएम सोरेन ने मुस्कुराते हुए व्यंग्य भरे अंदाज में कहा, “अब तो देश के राजा वही (नरेंद्र मोदी) हैं, देखिए आगे-आगे क्या-क्या करवाते हैं। वह जैसा चाहेंगे देश को वैसा ही चलना होगा।”
NEET पेपर लीक पर जताया दुख, पूछा— ‘मेधावी छात्र की मौत का जिम्मेदार कौन?’
देशभर में बवाल का कारण बने NEET पेपर लीक मामले पर भी मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आज हर जगह एक जैसे ही हालात बयां किए जा रहे हैं, लेकिन व्यवस्था की इस नाकामी के बीच जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई कौन करेगा? सीएम ने दुख जताते हुए कहा कि इस पेपर लीक कांड के बाद अवसाद में आकर एक मेधावी छात्र ने अपनी जान गंवा दी, आखिर उस मासूम छात्र की चिंता कौन करेगा?
सरना धर्म कोड पर पत्रकारों को दिया दोटूक जवाब
आगामी जनगणना में आदिवासियों के लिए अलग ‘सरना धर्म कोड’ की मांग को लेकर जब एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया, तो मुख्यमंत्री ने उल्टे पत्रकार से ही प्रतिप्रश्न कर दिया। सीएम ने कहा “आपके लिए जनगणना प्रपत्र (Form) में अलग से कॉलम निर्धारित है न? जब कभी आपका वह कॉलम काटा जाएगा, तब आपको असल दर्द का एहसास होगा कि हमारे लिए यह मांग कितनी जरूरी और हक की बात है।”

