वाशिंगटन । संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के कैलिफोर्निया प्रांत से एक बेहद दुखद और हैरान करने वाली घटना सामने आई है। सैन डिएगो स्थित ‘इस्लामिक सेंटर’ परिसर में सोमवार को दो बंदूकधारियों ने अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस भीषण हमले में मस्जिद के एक सुरक्षा गार्ड सहित तीन लोगों की मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों हमलावरों ने पास की एक गली में जाकर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सैन डिएगो के पुलिस प्रमुख स्कॉट वाहल ने इस सनसनीखेज घटना की पुष्टि की है।
मदरसे में पढ़ रहे थे बच्चे, गोलियों की तड़तड़ाहट से मची अफरा-तफरी
यह हमला सोमवार सुबह करीब 11:43 बजे हुआ। जिस वक्त हमलावरों ने परिसर को निशाना बनाया, उस समय वहां स्थित मदरसे (स्कूल) में बच्चे पढ़ाई कर रहे थे। अचानक हुई गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरे प्रांगण में चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय निवासियों को कुछ समय के लिए घरों के अंदर ही रहने की हिदायत दी।
कार के अंदर मिले हमलावरों के शव, उम्र महज 17 और 18 साल
सीबीएस न्यूज (CBS News) की रिपोर्ट के मुताबिक, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्कॉट वाहल ने बताया कि दोनों संदिग्ध हमलावर पास ही खड़ी एक गाड़ी के अंदर मृत पाए गए हैं। मृतकों की पहचान 17 और 18 वर्ष के दो नाबालिगों के रूप में हुई है।
लापता बेटे की तलाश में थी मां:
पुलिस प्रमुख ने एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए बताया कि हमले से ठीक दो घंटे पहले एक महिला ने अपने बेटे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को आगाह किया था कि उसका बेटा कई हथियारों और गाड़ी के साथ गायब है। हालांकि, इस्लामिक सेंटर को पहले से कोई धमकी नहीं मिली थी। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच ‘हेट क्राइम’ (नफरत से प्रेरित अपराध) के एंगल से कर रही है।
मुस्लिम समुदाय सदमे में, इमाम ने की शांति की अपील
इस्लामिक सेंटर के इमाम ताहा हस्सान ने एक भावुक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस अप्रत्याशित हमले से पूरा मुस्लिम समुदाय गहरे शोक और सदमे में है। उन्होंने कहा, “यह कुछ ऐसा है जिसकी हमने कभी उम्मीद नहीं की थी।” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से नफरत को त्याग कर समाज में आपसी सद्भावना और शांति बनाए रखने की अपील की है।
सरकार सख्त, गवर्नर बोले— ‘कैलिफोर्निया में नफरत की कोई जगह नहीं’
सैन डिएगो के मेयर टॉड ग्लोरिया ने घटना पर दुख जताते हुए एलान किया है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब सभी प्रमुख पूजा स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया जाएगा। वहीं, कैलिफोर्निया के गवर्नर गैविन न्यूसम ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा “मैं सैन डिएगो के इस्लामिक सेंटर में हुई इस हिंसक घटना से स्तब्ध हूँ। कैलिफोर्निया में नफरत के लिए रत्ती भर भी जगह नहीं है। किसी भी धार्मिक समुदाय के खिलाफ हिंसा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
यहूदी समुदाय ने भी की हमले की निंदा
अमेरिका में धार्मिक स्थलों पर हमले का यह कोई पहला मामला नहीं है। इस साल की शुरुआत में मिशिगन के एक सिनेगॉग (यहूदी प्रार्थना स्थल) को भी निशाना बनाया गया था। इस ताजा हमले के बाद ‘टेंपल इजराइल’ ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर इस्लामिक सेंटर पर हुए हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। फिलहाल, यहूदी धर्मगुरु (रब्बी) वाशिंगटन में हैं और पूरे अमेरिका में पूजा स्थलों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए 1 अरब डॉलर का फंड जुटाने की मुहिम में लगे हैं।

