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Monday, May 18, 2026

कोर्ट के आदेश पर चाईबासा कोऑपरेटिव बैंक में अवैध निकासी के दो मामले दर्ज, खाताधारकों में हड़कंप

पश्चिमी सिंहभूम । चाईबासा कोऑपरेटिव बैंक में खाताधारकों के पैसों की कथित अवैध निकासी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में आखिरकार सदर थाना में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। यह कार्रवाई मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) न्यायालय के कड़े आदेश के बाद की गई है। बताया जा रहा है कि पीड़ितों ने पहले बैंक प्रबंधन और स्थानीय पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर उन्हें अदालत की शरण लेनी पड़ी।

अदालत ने इन शिकायतों को बेहद गंभीर मानते हुए पुलिस को तुरंत मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया, जिसके बाद पुलिस एक्शन में आई है।

केस 1: मृत व्यक्ति का ‘फर्जी बेटा’ बनकर मुआवजे की रकम हड़पी
पहला मामला तांतनगर थाना क्षेत्र के इलीगढ़ा गांव के रहने वाले अमृत लाल कालुंडिया से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके स्वर्गीय पिता मानसिंह कालुंडिया की स्वर्णरेखा परियोजना में अधिग्रहित हुई जमीन के मुआवजे की राशि को फर्जी तरीके से निकाल लिया गया।

शिकायत के मुताबिक, गांव के ही कुछ जालसाजों ने खुद को मृतक का बेटा बताकर बैंक में एक फर्जी खाता खुलवाया और मुआवजे की मोटी रकम साफ कर दी। अमृत लाल कालुंडिया का सीधा आरोप है कि इस पूरी साजिश में बैंक कर्मियों की भी मिलीभगत हो सकती है। पीड़ित का यह भी कहना है कि जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी।

केस 2: बुजुर्ग महिला की पेंशन और जमा पूंजी पर हाथ साफ
दूसरा मामला चाईबासा के पास स्थित मटकमहातु गांव की एक बुजुर्ग महिला जेमा कुई से जुड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके बैंक खाते से उनकी वृद्धावस्था पेंशन और जीवनभर की जमा पूंजी उनकी जानकारी के बिना गायब कर दी गई।

शिकायत के अनुसार, जून 2022 से नवंबर 2024 के बीच उनके खाते से लगातार अवैध तरीके से पैसे निकाले जाते रहे। पीड़िता ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक (ब्रांच मैनेजर), कैशियर और अन्य बैंक कर्मचारियों की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। बुजुर्ग महिला का यह भी सनसनीखेज आरोप है कि जब उन्होंने इसकी शिकायत की, तो मामले को रफा-दफा करने के उद्देश्य से उनके खाते में कुछ राशि वापस भी जमा कराई गई थी।

दस्तावेजों की जांच में जुटी पुलिस, ग्राहकों की बढ़ी चिंता
अदालत के आदेश पर दोनों मामले दर्ज करने के बाद पुलिस अब एक्टिव मोड में है। पुलिस टीम बैंक खातों, निकासी फॉर्म, सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही आरोपी बैंक कर्मियों और मुख्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया जाएगा।

इस बड़े खुलासे के बाद चाईबासा कोऑपरेटिव बैंक के अन्य खाताधारकों में भी अपनी जमा पूंजी को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर बैंक के अंदर ही बिना खाताधारक की मर्जी के पैसे गायब हो सकते हैं, तो ग्राहकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। फिलहाल सभी की नजरें पुलिस की इस जांच पर टिकी हैं।

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