वेरावल (गिर सोमनाथ) । भगवान शिव के प्रथम ज्योतिर्लिंग ‘सोमनाथ मंदिर’ के इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ के अवसर पर आज पहली बार भव्य शिखर का कुंभाभिषेक किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सुबह लगभग 10:15 बजे इस अलौकिक और दिव्य आयोजन में सम्मिलित होंगे।
इंजीनियरिंग का अद्भुत नमूना: 1100 लीटर का कलश
इस अभिषेक के लिए एक विशेष विशालकाय कलश तैयार किया गया है जो चर्चा का केंद्र बना हुआ है। लगभग 8 फीट ऊंचे इस कलश की क्षमता 1100 लीटर है। पूरी संरचना का कुल वजन 1860 किलोग्राम है (जिसमें अकेले कलश का वजन 760 किलो है)। 90 मीटर ऊंची क्रेन और रिमोट कंट्रोल सेंसर सिस्टम की मदद से मात्र 3 मिनट में शिखर पर स्थापित कलश से जलाभिषेक संपन्न होगा।
11 पवित्र तीर्थों के जल से होगा अभिषेक
सोमनाथ मंदिर के शिखर पर देश के 11 पवित्र तीर्थों के जल से अभिषेक किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच होने वाला यह आयोजन न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री के साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी उपस्थित रहेंगे।
स्मारक डाक टिकट और सिक्का होगा जारी
इस ऐतिहासिक अवसर को यादगार बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमनाथ की समृद्ध विरासत पर आधारित एक स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी करेंगे। इससे पहले पीएम विशेष महापूजा और ध्वजारोहण समारोह में भी हिस्सा लेंगे।
भक्तिमय हुआ सोमनाथ
अरब सागर के तट पर स्थित प्रभास पाटन का सोमनाथ मंदिर वर्तमान में फूलों की सजावट और रोशनी से जगमगा रहा है। देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु इस “अमृत पर्व” का हिस्सा बनने के लिए पहुँच चुके हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरे जिले में उत्सव का माहौल है।

