कोलकाता/नई दिल्ली । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक नतीजों के बाद अब सबकी नजरें नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह पर टिकी हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 9 मई को आयोजित किया जा सकता है। यह दिन न केवल राजनीतिक बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी दिन महान कवि रवींद्रनाथ टैगोर की 165वीं जयंती (पच्चीसे बैसाख) भी मनाई जाएगी।
नतीजों के बाद सरकार बनाने की कवायद तेज
4 मई को आए चुनावी नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अभूतपूर्व प्रदर्शन करते हुए बहुमत हासिल किया है। भाजपा ने 200 से अधिक सीटें जीतकर राज्य में करीब डेढ़ दशक पुराने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के शासन को समाप्त कर दिया है।
चुनाव आयोग द्वारा आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी होने के बाद, राज्यपाल आर.एन. रवि नई सरकार बनाने की प्रक्रिया को औपचारिक रूप देंगे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी संवैधानिक प्रोटोकॉल के तहत अपना इस्तीफा सौंप सकती हैं।
9 मई का विशेष महत्व: राजनीति और संस्कृति का संगम
शपथ ग्रहण के लिए 9 मई की तारीख का चयन काफी प्रतीकात्मक माना जा रहा है:
रवींद्र जयंती: 9 मई को ‘पच्चीसे बैसाख’ है, जो बंगाल के सबसे बड़े सांस्कृतिक उत्सवों में से एक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने चुनावी भाषणों में टैगोर के आदर्शों का जिक्र किया था।
नया बंगाल: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि टैगोर जयंती के दिन शपथ ग्रहण कर नई सरकार ‘सोनार बांग्ला’ और बंगाली अस्मिता के साथ अपने जुड़ाव का संदेश देना चाहती है।
“4 मई के नतीजों के बाद, मैं शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दोबारा बंगाल आऊंगा।” — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (बैरकपुर रैली के दौरान)
चुनाव आयोग के अधिकारी आज कोलकाता पहुंचकर आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन सौंपेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम मुहर और मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया तेज हो जाएगी। शपथ ग्रहण समारोह को भव्य बनाने के लिए कोलकाता के प्रतिष्ठित मैदान या राजभवन में तैयारियां शुरू होने की उम्मीद है।

