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Tuesday, May 5, 2026

पूर्व राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की जयंती: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली । राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को देश के सातवें राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह की जयंती के अवसर पर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति के चित्र पर पुष्प चढ़ाकर उन्हें नमन किया।

सादगी और समर्पण का प्रतीक रहा जीवन
इस अवसर पर राष्ट्रपति मुर्मु ने राष्ट्र निर्माण में ज्ञानी जैल सिंह के विशिष्ट योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि उनका सार्वजनिक जीवन समर्पण, सादगी और निस्वार्थ देश सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। जमीनी स्तर से उठकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुँचने का उनका सफर आज भी कई लोगों के लिए प्रेरणादायी है।

देश के पहले सिख राष्ट्रपति: एक नजर इतिहास पर
ज्ञानी जैल सिंह का जन्म 5 मई 1916 को हुआ था और उन्होंने भारतीय राजनीति में कई महत्वपूर्ण पदों को सुशोभित किया:
सातवें राष्ट्रपति: वे वर्ष 1982 से 1987 तक भारत के राष्ट्रपति रहे। वे इस सर्वोच्च पद को संभालने वाले देश के पहले सिख व्यक्ति थे।
मुख्यमंत्री व गृह मंत्री: राष्ट्रपति बनने से पहले वे 1972-77 तक पंजाब के मुख्यमंत्री और 1980-82 तक देश के केंद्रीय गृह मंत्री भी रहे।
चुनौतियों भरा कार्यकाल: उनके कार्यकाल के दौरान भारतीय इतिहास की कई बड़ी घटनाएँ हुईं, जिनमें ऑपरेशन ब्लू स्टार और 1984 के सिख-विरोधी दंगे प्रमुख थे।

ज्ञानी जैल सिंह का निधन 25 दिसंबर 1994 को हुआ था, लेकिन उनके राजनीतिक कौशल और जन-जुड़ाव को आज भी याद किया जाता है।

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