भोपाल । मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहे पर स्थित मानस भवन के पीछे की सात दशक पुरानी बस्ती को हटाने की बड़ी कार्रवाई आज शनिवार से शुरू हो गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई के चलते पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है और बैरिकेडिंग कर आम आवाजाही को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
भारी विरोध और हाई वोल्टेज ड्रामा
प्रशासन की इस कार्रवाई का कांग्रेस ने कड़ा विरोध किया है। बीती रात पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और नेता प्रतिपक्ष शबिस्ता जकी सहित कई दिग्गज नेता रहवासियों के समर्थन में धरने पर बैठ गए। इस दौरान उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक युवक विरोध स्वरूप मोबाइल टावर पर चढ़ गया। हालांकि, पुलिस ने समय रहते समझाइश देकर उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया।
विस्थापन और पुनर्वास की तैयारी
प्रशासन ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए 95 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम तैनात की है।
कुल प्रभावित परिवार: 27 परिवार।
पुनर्वास स्थल: प्रभावित परिवारों को भौंरी, कलखेड़ा और मालीखेड़ी में शिफ्ट करने की योजना है।
वर्तमान स्थिति: अनिश्चितता के डर से रहवासियों ने अपने घरों में ताले लगा दिए हैं और सामान की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस को सौंप दी है।
सियासी माहौल गरमाया
नेता प्रतिपक्ष ने पुलिस प्रशासन को पत्र लिखकर स्थिति की संवेदनशीलता से अवगत कराया है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि दशकों से रह रहे आदिवासियों और गरीबों को जबरन उजाड़ा जा रहा है। फिलहाल मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी के चलते माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।

