रांची। जनसेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए भारतीय सेना ने मिलिट्री हॉस्पिटल नामकुम में ‘दृष्टि 2026’ मेगा नेत्र चिकित्सा शिविर का शुभारंभ किया है। 16 से 19 जून तक चलने वाले इस चार दिवसीय शिविर के माध्यम से झारखंड के लोगों को अत्याधुनिक नेत्र चिकित्सा सेवाएं और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिविर का उद्घाटन महानिदेशक सशस्त्र सेना चिकित्सा सेवाएं (डीजीएएफएमएस) सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम ने किया। इस पहल का उद्देश्य पूर्व सैनिकों, उनके आश्रितों और आम नागरिकों को उच्चस्तरीय नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराना है।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम दे रही उपचार
नई दिल्ली स्थित आर्मी हॉस्पिटल (रिसर्च एंड रेफरल) के विशेषज्ञ नेत्र चिकित्सकों की टीम शिविर में सेवाएं दे रही है। रांची और आसपास के जिलों से पहुंचे मरीजों को नेत्र संबंधी परामर्श, जांच और आधुनिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।
शिविर में मोतियाबिंद ऑपरेशन, ग्लूकोमा उपचार तथा रेटिना संबंधी बीमारियों के लिए एंटी-VEGF इंजेक्शन जैसी उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। ये उपचार दृष्टि सुधारने और अंधत्व की संभावना को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
महानगरों की दौड़ से मिलेगी राहत
भारतीय सेना की इस पहल से झारखंड के लोगों को उपचार के लिए दिल्ली और अन्य बड़े शहरों की लंबी एवं खर्चीली यात्राओं से राहत मिलेगी। विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाएं सीधे रांची में उपलब्ध होने से मरीजों को समय पर और बेहतर इलाज मिल सकेगा।
उद्घाटन समारोह में डीजीएएफएमएस आरती सरीन ने पूर्वी कमान, मिलिट्री हॉस्पिटल नामकुम और विशेषज्ञ चिकित्सा टीमों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के शिविर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पहले दिन ही उमड़ी लाभार्थियों की भीड़
शिविर के पहले ही दिन बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया। लाभार्थियों की उत्साहजनक भागीदारी ने इस पहल की उपयोगिता और आवश्यकता को रेखांकित किया।
‘दृष्टि 2026’ भारतीय सेना की उस सेवा भावना का सशक्त उदाहरण है, जो देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ-साथ समाज के जरूरतमंद लोगों तक उपचार, आशा और बेहतर जीवन का संदेश भी पहुंचाती है।
