वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय काशी दौरे के अंतिम दिन बुधवार को बाबा विश्वनाथ के चरणों में हाजिरी लगाई। काशी के 54वें दौरे पर आए प्रधानमंत्री का स्वागत शिवभक्तों ने शंखध्वनि और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ किया।
स्वर्ण मंडित गर्भगृह में विशेष पूजा-अर्चना
प्रधानमंत्री सुबह करीब 8 बजे बरेका गेस्ट हाउस से मंदिर के लिए निकले। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर पहुँचकर उन्होंने बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजन और अभिषेक किया। मंदिर के अर्चक ओम प्रकाश मिश्र समेत पांच ब्राह्मणों ने विधिवत पूजन संपन्न कराया। पीएम मोदी ने देश की सुख-समृद्धि और उन्नति के लिए प्रार्थना की। पूजन के बाद भाजपा नेताओं ने उन्हें त्रिशूल और डमरू भेंट किया, जिसे प्रधानमंत्री ने श्रद्धापूर्वक लहराकर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
14 किलोमीटर का भव्य रोड शो
बरेका से मंदिर तक का सफर किसी उत्सव से कम नहीं था। प्रधानमंत्री का काफिला ककरमत्ता, मंडुवाडीह, फुलवरिया फ्लाईओवर और चौकाघाट होते हुए करीब 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचा। पूरे रास्ते काशीवासियों ने ढोल-नगाड़ों, डमरू और शंखनाद के बीच गुलाब की पंखुड़ियों से पीएम का स्वागत किया। ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के नारों से पूरी काशी गूंज उठी। पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर जनता का स्नेह स्वीकार किया।
बच्चों पर बरसाया प्यार
मंदिर परिसर के चौक में दर्शन के लिए आए छोटे बच्चों को देखकर प्रधानमंत्री खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने बच्चों के पास जाकर उनसे बात की, उनका सिर सहलाया और दुलार किया। प्रधानमंत्री से बात कर बच्चे भी काफी उत्साहित नजर आए।
दर्शन-पूजन और जन-अभिवादन के बाद प्रधानमंत्री बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए, जहाँ से वे अपनी अगली जनसभा के लिए हरदोई के लिए प्रस्थान कर गए।

