33 C
Kolkata
Tuesday, April 28, 2026

पंजाब में ‘आप’ पर सियासी संकट के बादल: विधायकों के टूटने का डर, मनीष सिसोदिया ने जालंधर में बुलाई इमरजेंसी बैठक

चंडीगढ़ । पंजाब की राजनीति में मचे घमासान के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सात राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद अब विधायकों में संभावित टूट की खबरों ने दिल्ली से लेकर पंजाब तक हड़कंप मचा दिया है। इस संकट से निपटने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय प्रभारी और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कल, 29 अप्रैल को जालंधर में एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है।

विधायकों का मन टटोलेंगे सिसोदिया और मान
इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ-साथ सभी विधायक, ब्लॉक ऑब्जर्वर्स और फ्रंटल संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। सूत्रों के अनुसार, बैठक का मुख्य एजेंडा विधायकों की एकजुटता सुनिश्चित करना और सांसदों के इस्तीफे के बाद उपजे असंतोष को शांत करना है।

क्या खतरे में है भगवंत मान सरकार?
भाजपा में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के करीबियों की ओर से किए जा रहे दावों ने ‘आप’ की नींद उड़ा दी है। चर्चा है कि पंजाब के मौजूदा 94 विधायकों में से 60 से अधिक विधायक पार्टी आलाकमान से नाराज हैं और राघव चड्ढा के संपर्क में हैं। यदि इन दावों में थोड़ी भी सच्चाई है, तो पंजाब की भगवंत मान सरकार पर अस्थिरता का खतरा मंडरा सकता है।

संगठन को एकजुट रखने की चुनौती
हाल के दिनों में सात बड़े चेहरों (सांसदों) का साथ छोड़ना पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मनीष सिसोदिया की जालंधर बैठक को इसी ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी अब अपने ब्लॉक स्तर के नेताओं और कार्यकर्ताओं को फिर से संगठित करने में जुट गई है ताकि किसी भी तरह की बड़ी टूट को रोका जा सके। पंजाब की इस बदलती राजनीतिक तस्वीर पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।

Related Articles

नवीनतम लेख