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Monday, April 27, 2026

बोकारो कोषागार से फर्जी वेतन निकासी मामले में सीआईडी ने एसपी कार्यालय में तैनात होम गार्ड जवान को किया गिरफ्तार

रांची । बोकारो ट्रेजरी से फर्जी वेतन निकासी मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) ने कार्रवाई करते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में पदस्थापित होमगार्ड जवान सतीश कुमार उर्फ सतीश कुमार सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपित से फिलहाल गहन पूछताछ की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपित के बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक की संदिग्ध राशि ट्रांसफर हुई थी। इसी आधार पर उस पर फर्जी वेतन निकासी में संलिप्तता का संदेह गहरा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईडी की विशेष टीम तत्काल बोकारो पहुंची और एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच शुरू की।

जांच के दौरान टीम ने बैंक खातों, भुगतान आदेशों और वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेखों का मिलान किया। इस प्रक्रिया में कई संदिग्ध और फर्जी भुगतान प्रविष्टियां सामने आईं। इन तथ्यों के आधार पर होमगार्ड जवान सतीश कुमार को पहले हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, फर्जी वेतन निकासी का यह खेल लंबे समय से चल रहा था। अलग-अलग बैंक खातों के माध्यम से राशि का ट्रांसफर किया जाता था, ताकि अनियमितता आसानी से पकड़ में न आए। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसकी जड़ें कितनी गहरी हैं।

एसआईटी टीम ने आरोपित से जुड़े बैंक खातों की डिटेल, भुगतान आदेश, विभागीय फाइलें और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। एसपी कार्यालय के अकाउंट सेक्शन में कार्यरत अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी सीआईडी जांच के दायरे में आ गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस मामले में एक संगठित नेटवर्क की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

उल्लेखनीय है कि इस मामले में पहले ही मुख्य आरोपित लेखापाल कौशल कुमार पाण्डेय को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में सामने आया कि सतीश कुमार उसका करीबी सहयोगी था और फर्जी भुगतान की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा रहा था।

सीआईडी की जांच में आरोपित के खाते में लगभग 1.06 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेन-देन का पता चला। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए विभाग ने 43 लाख रुपये की राशि को होल्ड-फ्रीज कर दिया है, ताकि धन के आगे हस्तांतरण को रोका जा सके।

फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है। सीआईडी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि सरकारी खजाने से कितनी कुल राशि की अवैध निकासी की गई और इसमें कितने अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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