मेदिनीपुर | पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान की तैयारियों ने आम यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम मेदिनीपुर जिले में एक बार फिर परिवहन व्यवस्था चरमराने की आशंका है, क्योंकि प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी के लिए बड़ी संख्या में निजी और यात्री बसों को अपने नियंत्रण में ले लिया है।
650 बसें भेजी गईं बारासात और हुगली
प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम तक जिले की लगभग 650 यात्री बसों को चुनाव कार्यों के लिए रवाना कर दिया गया है। इन बसों का उपयोग मतदान कर्मियों (Polling Parties) और सुरक्षा बलों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए किया जा रहा है। इन बसों को मुख्य रूप से बारासात और हुगली जिलों की ओर भेजा गया है।
आम जनता पर दोहरी मार
पहले चरण के मतदान के दौरान भी यात्रियों को घंटों बस स्टैंड पर इंतजार करना पड़ा था। अब दूसरे चरण से पहले वही स्थिति फिर पैदा हो गई है:
ग्रामीण इलाकों में संकट: लंबी दूरी की बसों के साथ-साथ ग्रामीण रूट की बसों के हटने से गांव के लोगों का संपर्क शहर से कटने लगा है।
जरूरी काम प्रभावित: अस्पताल जाने वाले मरीजों, दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों और छात्रों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
निजी वाहनों का सहारा, जेब पर बोझ
सड़कों पर बसों की कमी का फायदा उठाकर छोटे निजी वाहन चालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे हैं। बस मालिकों के अनुसार, मतदान के अगले दिन तक सड़कों पर बसों की संख्या न्यूनतम रहेगी। जिला प्रशासन का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए वाहनों का अधिग्रहण अनिवार्य है, हालांकि वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास किए जा रहे हैं।

