मेदिनीपुर | पश्चिम मेदिनीपुर के मेदिनीपुर शहर में राजनीतिक पारा गरमा गया है। स्ट्रॉन्गरूम के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बना दिया है। रविवार सुबह से ही मेदिनीपुर कॉलेज और कॉलेजिएट स्कूल परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव
दो दिन पहले हुई तनावपूर्ण घटना के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। स्ट्रॉन्गरूम की आंतरिक सुरक्षा से स्थानीय पुलिस को हटाकर अब सशस्त्र केंद्रीय बलों (Central Forces) को तैनात किया गया है। मतगणना केंद्र की ओर जाने वाले सभी रास्तों को टिन की बैरिकेडिंग कर पूरी तरह सील कर दिया गया है।
क्या था विवाद?
दो दिन पहले देर रात भाजपा ने आरोप लगाया था कि तृणमूल कार्यकर्ता अवैध रूप से स्ट्रॉन्गरूम में घुसने की कोशिश कर रहे हैं और ईवीएम की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा सकता है। इसके बाद दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए थे और स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी।
पक्ष-विपक्ष के दावे
रविवार को दोनों ही पार्टियों के उम्मीदवारों ने स्ट्रॉन्गरूम क्षेत्र का दौरा किया और एक-दूसरे पर तीखे हमले बोले:
भाजपा उम्मीदवार शंकर गुच्छैत: उन्होंने आयोग के सुरक्षा बढ़ाने के कदम का स्वागत किया। गुच्छैत ने दावा किया कि उनके कार्यकर्ताओं ने टीएमसी की साजिश को नाकाम कर दिया और 4 तारीख को भाजपा की ऐतिहासिक जीत होगी।
टीएमसी उम्मीदवार सुजय हाजरा: भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए हाजरा ने कहा कि भाजपा जिले में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि 4 मई को जीत के बाद वे भाजपा की साजिशों के सबूत पेश करेंगे और राज्य में ममता बनर्जी का नेतृत्व बरकरार रहेगा।
फिलहाल मतगणना केंद्र पर भारी पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है ताकि 4 मई को होने वाली मतगणना तक शांति बनी रहे।

