शिमला | हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से एक विचलित करने वाली खबर सामने आई है। रोहड़ू उपमंडल के चिड़गांव में एक धार्मिक समारोह के दौरान हुई ‘हर्ष फायरिंग’ (खुशी में गोलीबारी) ने एक मासूम महिला की जान ले ली। यह दुखद हादसा रविवार की आधी रात को उस समय हुआ जब गाँव में देवता की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव चल रहा था।
उत्सव के बीच अचानक मची अफरा-तफरी
पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, चिड़गांव थाना क्षेत्र के कुलगांव में स्थानीय आराध्य देवता के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु जुटे थे। रात करीब 12:45 बजे, जब पारंपरिक नृत्य और संगीत का माहौल चरम पर था, तभी भीड़ में से किसी ने खुशी जाहिर करने के लिए हवाई फायरिंग कर दी। दुर्भाग्य से, बंदूक से निकली गोली वहां मौजूद रितिका (26 वर्ष) को जा लगी। रितिका, सतीश की पत्नी और बकोरा गांव की निवासी थीं। लहूलुहान हालत में उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल रोहड़ू ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पारंपरिक हथियारों का प्रदर्शन और सुरक्षा पर सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्रों में देव अनुष्ठानों के दौरान ‘देवलू’ (देवता के अनुयायी) अक्सर पारंपरिक हथियारों जैसे तलवार, खुखरी और डांगरू के साथ नृत्य करते हैं। इस दौरान बंदूक से हवाई फायरिंग की परंपरा भी कई बार जानलेवा साबित होती है। इस घटना ने एक बार फिर धार्मिक आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिमला पुलिस ने घटना की गंभीरता को देखते हुए चिड़गांव थाने में FIR दर्ज कर ली है। अंधेरा और भारी भीड़ होने के कारण अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली वास्तव में किसने चलाई थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और समारोह के वीडियो फुटेज की जांच की जा रही है ताकि दोषी की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके। जहाँ कल तक गाँव में जयकारों की गूंज थी, आज वहां रितिका की मौत के बाद सन्नाटा और मातम पसरा हुआ है।

