काठमांडू। नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतन्त्र पार्टी (आरएसपी) के सांसद खगेन्द्र सुनार और समेत पांच सांसद पिछले 12 घंटे से सिंधुली जिला प्रशासन कार्यालय के गेट पर धरने पर बैठे हैं।
वे शुक्रवार शाम से 22 वर्षीय श्रीकृष्ण बीके के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं, जिनकी पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। श्रीकृष्ण बीके सिंधुली के सुनकोशी ग्रामीण नगरपालिका-3, जुम्ले डाँडा के निवासी थे।
धरने में आरएसपी सांसद खगेन्द्र सुनार, रीमा विश्वकर्मा, सुष्मा स्वर्णकार, खिमा विश्वकर्मा और आशीष गजुरेल के साथ बुद्धिजीवी और जुम्ले डाँडा के कुछ स्थानीय लोग भी शामिल हैं।
खगेन्द्र सुनार ने फेसबुक पर लिखा, “हम पिछले 12 घंटे से जिला प्रशासन कार्यालय के गेट पर बैठे हैं।” उनके निजी सहयोगी अर्जुन सुनार ने बताया कि वे पूरी रात धरनास्थल पर डटे रहे।
श्रीकृष्ण बीके के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने हिरासत में उन्हें प्रताड़ित कर मार डाला।
बीके ने 11 अप्रैल को खोटांग की 17 वर्षीय लड़की से अंतरजातीय प्रेम विवाह किया था। शादी के बाद वह अपने छोटे भाई के साथ ललितपुर में रह रहे थे, लेकिन बाद में सिंधुली लौट आए थे।
16 अप्रैल को ललितपुर के सातदोबाटो पुलिस सर्कल ने उन्हें यह कहकर बुलाया कि लड़की का परिवार बात करना चाहता है। लेकिन वहां पहुंचने के बाद बीके को हिरासत में ले लिया गया और अगले दिन सिंधुली भेज दिया गया।
ललितपुर पुलिस के अनुसार, लड़की द्वारा दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराने के बाद बीके को आगे की जांच के लिए सिंधुली भेजा गया, क्योंकि कथित घटना वहीं हुई थी।
20 अप्रैल को बीके खुरकोट क्षेत्र पुलिस कार्यालय की हिरासत में मृत पाए गए।
जिला पुलिस कार्यालय, सिंधुली के प्रवक्ता डीएसपी सूर्य प्रकाश सुवेदी के अनुसार, बीके हिरासत में बेहोश अवस्था में पाए गए थे और उनकी गर्दन में शर्ट बंधी हुई थी। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हालांकि, परिजनों का कहना है कि पुलिस पिटाई के कारण उनकी मौत हुई। इसी आरोप को लेकर वे पिछले चार दिनों से जिला पुलिस कार्यालय और जिला अदालत के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
परिवार ने शव लेने से इनकार कर निष्पक्ष जांच की मांग की, जिसके बाद 21 अप्रैल को एक जांच समिति गठित की गई। सिंधुली के सहायक प्रमुख जिला अधिकारी दीपेन्द्र पौडेल ने कहा कि जांच जारी है। उन्होंने कहा, “हम इस घटना की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी।”
बीके को 16 अप्रैल को 17 वर्षीय लड़की के साथ दुष्कर्म के आरोप में ललितपुर से गिरफ्तार किया गया था। लेकिन परिवार का दावा है कि दोनों ने आपसी सहमति से प्रेम विवाह किया था।
जिला पुलिस परिसर, ललितपुर के एसपी गौतम मिश्रा ने कहा कि कथित घटना स्थल खुरकोट होने के कारण सिंधुली पुलिस के समन्वय में बीके को वहां भेजा गया।
उन्होंने कहा, “शिकायत दर्ज होने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर 17 अप्रैल को मूल शिकायत पत्र के साथ खुरकोट भेजा गया। उसके बाद क्या हुआ, इसकी जानकारी हमें नहीं है।”
17 अप्रैल को जिला पुलिस कार्यालय ने सिंधुली जिला अदालत से पांच दिन की रिमांड ली और बीके को हिरासत में रखा।
हालांकि, बीके के परिवार की कहानी अलग है। उनका कहना है कि अंतरजातीय विवाह की वजह से दुष्कर्म का आरोप लगाया गया और पुलिस ने जानबूझकर उनकी पिटाई कर हत्या कर दी।

