नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उबाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण आज लगातार पांचवें दिन क्रूड ऑयल की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड आज $107 प्रति बैरल के ऊंचे स्तर तक जा पहुंचा, जिसने दुनिया भर के एनर्जी मार्केट में चिंता बढ़ा दी है।
होर्मुज स्ट्रेट पर संकट और कीमतों में उछाल
कच्चे तेल की कीमतों में इस अचानक तेजी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव है। होर्मुज स्ट्रेट, जो तेल परिवहन का सबसे प्रमुख समुद्री रास्ता है, वहां दोनों देशों के आमने-सामने होने से सप्लाई लगभग ठप हो गई है। दोनों देशों के बीच शांति वार्ता टलने से निकट भविष्य में संकट सुलझने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
क्यों बढ़ रही हैं कीमतें?
जानकारों का मानना है कि फरवरी के अंत से जारी इस जंग ने ग्लोबल पेट्रोलियम मार्केट को हिला कर रख दिया है। फारस की खाड़ी से होने वाली ऑयल और गैस की सप्लाई में जबरदस्त गिरावट आई है। अमेरिका की नाकेबंदी और ईरान द्वारा अंतरराष्ट्रीय ट्रैफिक को रोकने की कोशिशों ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
“जब तक अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत का रास्ता नहीं खुलता, होर्मुज स्ट्रेट से ऑयल टैंकर्स का गुजरना मुश्किल है। ऐसी स्थिति में कच्चे तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।” — बाजार विशेषज्ञ

