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Friday, April 24, 2026

बंगाल चुनाव: पहले चरण की भारी वोटिंग के बाद चुनाव आयोग सख्त, वीडियो डेटा की सुरक्षा के लिए जारी किए नए नियम

कोलकाता । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण में हुए भारी मतदान के बाद निर्वाचन आयोग अब और भी अधिक सतर्क हो गया है। चुनाव प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने मतदान केंद्रों पर लगे निगरानी कैमरों और उनके वीडियो डेटा के संरक्षण को लेकर नए और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

निर्वाचन अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मद्देनजर अब मतदान खत्म होते ही केंद्रों पर कैमरों से मेमोरी कार्ड नहीं निकाले जाएंगे। नई व्यवस्था के तहत मतदान के बाद केवल कैमरे उतारे जाएंगे और उन्हें सेक्टर अधिकारी की सीधी निगरानी में सुरक्षित रखा जाएगा। मेमोरी कार्ड को केवल निर्धारित डेटा संग्रहण केंद्र (Data Collection Centre) पर ही निकाला जाएगा। यह प्रक्रिया सहायक निर्वाचन अधिकारी की मौजूदगी में संपन्न होगी।

छेड़छाड़ रोकने के लिए बढ़ाई गई जवाबदेही
आयोग का मुख्य उद्देश्य वीडियो फुटेज के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या डेटा गायब होने की आशंका को खत्म करना है। भविष्य में किसी भी शिकायत, विवाद या कानूनी जांच की स्थिति में इन वीडियो रिकॉर्डिंग्स को पुख्ता प्रमाण के तौर पर सुरक्षित रखा जाएगा। इसकी पूरी जवाबदेही संबंधित अधिकारियों की तय की गई है।

पहले चरण में रिकॉर्ड 93% मतदान
आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पहले चरण में पश्चिम बंगाल में औसतन 93 प्रतिशत मतदान हुआ है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह आंकड़ा और भी अधिक रहा। भारी मतदान और चुनावी संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।

महत्वपूर्ण तिथियां: पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा, जबकि चुनावी नतीजों की घोषणा (मतगणना) 4 मई को की जाएगी।

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