राँची| भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), राँची केंद्र ने झारखण्ड के विभिन्न हिस्सों में आगामी 25 से 27 अप्रैल के बीच ओलावृष्टि (Hailstorm), गर्जन, वज्रपात और तेज आंधी का पूर्वानुमान जारी किया है. विभाग ने इसे “प्रभाव आधारित पूर्वानुमान” बताते हुए कृषि और जनजीवन पर पड़ने वाले असर के प्रति आगाह किया है.प्रमुख चेतावनी और संभावित तिथिमौसम केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा:25 अप्रैल 2026: राँची, खूँटी, गुमला, सिमडेगा, पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम, बोकारो और रामगढ़ सहित कई जिलों में 40-50 kmph की गति से आंधी और वज्रपात की संभावना है. 26 अप्रैल 2026: देवघर, धनबाद, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामतारा, पाकुर और साहेबगंज जिलों में ओलावृष्टि के साथ 50-60 kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं. 27 अप्रैल 2026: ओलावृष्टि का दायरा बढ़ते हुए राँची, हजारीबाग, कोडरमा और रामगढ़ तक पहुँच सकता है. कृषि पर प्रभाव और बचाव के उपायमौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है क्योंकि आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को काफी नुकसान पहुँच सकता है:सब्जियां और फल: तैयार फसलों की कटाई जल्द कर लें. आम के टिकोलों का गिरना और टमाटर के फूलों का झड़ना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं. सब्जियों की नर्सरी को पॉलीथिन से ढककर सुरक्षित रखें.जल निकासी: खड़ी फसलों में जल निकासी (drainage) का उचित प्रबंध करें ताकि खेतों में पानी न जमा हो. उर्वरक का उपयोग: ओलावृष्टि के बाद क्षतिग्रस्त फसलों में मौसम साफ होने पर 2% यूरिया का छिड़काव करने की सलाह दी गई है. अगले दो दिनों तक किसी भी तरह के कीटनाशक छिड़काव से बचें. गन्ना और अमरूद: फसलों को गिरने से बचाने के लिए उन्हें रस्सी से बांध लें. आम नागरिकों और पशुपालकों के लिए सुझाववज्रपात और आंधी के दौरान जान-माल की सुरक्षा के लिए विभाग ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:पशुपालन: मवेशियों को खुले में न छोड़ें और उनके घर को अच्छी तरह ढक कर रखें.सुरक्षा: गर्जन के समय घरों के अंदर रहें, खिड़की-दरवाजे बंद रखें और पेड़ों के नीचे आश्रय बिल्कुल न लें.बिजली के उपकरण: बिजली से चलने वाले उपकरणों को अनप्लग कर दें और जलस्रोतों से तुरंत बाहर निकल आएं.

