जोहान्सबर्ग । भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए बुधवार की रात किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। जोहान्सबर्ग के वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए तीसरे टी20 मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। इस जीत के साथ ही मेजबान टीम ने 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त बना ली है।
टूटा 2 साल का गौरवशाली रिकॉर्ड
इस हार के साथ ही द्विपक्षीय टी20 सीरीज में भारतीय टीम का पिछले दो साल से चला आ रहा अजेय सफर भी खत्म हो गया। भारत ने आखिरी बार जनवरी 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज गंवाई थी, जिसके बाद से टीम इंडिया लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही थी।
लॉरा वोल्वार्ड्ट का ‘तूफान’ और भारतीय गेंदबाजों की बेबसी
भारत द्वारा दिए गए 193 रनों के विशाल लक्ष्य को दक्षिण अफ्रीका ने महज 16.3 ओवर में ही हासिल कर लिया।
कप्तान की पारी: लॉरा वोल्वार्ड्ट ने मैच में तबाही मचाते हुए मात्र 53 गेंदों में 115 रन जड़ दिए। यह महिला टी20 इंटरनेशनल का संयुक्त रूप से तीसरा सबसे तेज शतक है।
वोल्वार्ड्ट और सुने लूस (64) के बीच 183 रनों की ऐतिहासिक साझेदारी हुई, जिसने भारतीय गेंदबाजों को मुकाबले से बाहर कर दिया। दीप्ति शर्मा (46 रन), रेणुका सिंह (45 रन) और काश्वी गौतम (32 रन) काफी महंगी साबित हुईं।
कैच छोड़ना पड़ा भारी
मैच का टर्निंग पॉइंट 13वां ओवर रहा, जब कप्तान हरमनप्रीत कौर ने शतकवीर वोल्वार्ड्ट का कैच छोड़ दिया। इस जीवनदान का फायदा उठाते हुए वोल्वार्ड्ट ने टीम को जीत की दहलीज के पार पहुंचा दिया।
भारत की बल्लेबाजी: हरमनप्रीत और शेफाली की मेहनत बेकार
इससे पहले टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 192/4 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था।
शेफाली वर्मा: 64 रन (शानदार शुरुआत)
हरमनप्रीत कौर: 66 रन (38 गेंद)
स्मृति मंधाना: 37 रन
192 रन बनाने के बावजूद गेंदबाज इस बड़े स्कोर का बचाव करने में नाकाम रहे। अब सीरीज के बाकी बचे दो मैचों में भारतीय टीम अपनी साख बचाने के इरादे से मैदान पर उतरेगी।

