झाड़ग्राम । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान के दौरान गुरुवार सुबह झाड़ग्राम में एक दिलचस्प और हैरान करने वाला वाकया सामने आया। इलाके का प्रसिद्ध हाथी, जिसे स्थानीय लोग ‘रामलाल’ कहते हैं, अचानक एक मतदान केंद्र के पास जा धमका, जिससे वहां मौजूद मतदाताओं और सुरक्षाकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई।
पोलिंग बूथ के पास ‘रामलाल’ की चहलकदमी
झाड़ग्राम के जितुशोल आंशिक बुनियादी विद्यालय स्थित मतदान केंद्र के पास सुबह-सुबह रामलाल को टहलते हुए देखा गया। हाथी को देखते ही मतदाताओं की कतारें उत्साह और थोड़े डर में बदल गईं। लोग अपने मोबाइल से इस दुर्लभ पल की तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे।
भगाने की कोशिश हुई नाकाम
हाथी को हटाने के लिए प्रशासन ने पाइप से पानी की बौछारें भी कीं, लेकिन रामलाल पर इसका कोई खास असर नहीं हुआ। वह काफी देर तक सड़क पर टहलता रहा और खाने की तलाश में वहां पड़े प्लास्टिक के कचरे को खंगालता दिखा। गनीमत रही कि हाथी ने किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया।
वन विभाग ने संभाला मोर्चा
घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम और ‘एलिफेंट ट्रैकर’ मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद हाथी को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ा गया। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले ही रामलाल का पैर चोटिल हुआ था, जिसका इलाज कर उसे जंगल में छोड़ा गया था।
प्रशासन की चौकसी पर सवाल?
चुनाव के दौरान हाथियों के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही भारी बंदोबस्त किए थे। 300 वनकर्मी और 25 गाड़ियां तैनात थीं। क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को अलर्ट पर रखा गया था।
इन तमाम इंतज़ामों के बावजूद ‘रामलाल’ का पोलिंग बूथ तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था और वन विभाग की निगरानी पर सवाल खड़े कर गया है। हालांकि, हाथी के जाने के बाद मतदान प्रक्रिया फिर से सुचारू रूप से शुरू हो गई।

