रांची | संसद में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर होने वाली विशेष चर्चा के बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार की मंशा पर तंज कसा है। मंत्रालय में मीडिया से बात करते हुए सीएम ने कहा कि महिलाओं को आरक्षण देना एक नीतिगत फैसला है, लेकिन इसके साथ ही सीटों की संख्या बढ़ाकर 850 करने की बात समझ से परे है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार को पहले से कैसे पता कि सीटों की संख्या सटीक 850 ही होगी? उन्होंने मांग की कि आरक्षण और परिसीमन को अलग-अलग मसौदे के रूप में देखा जाना चाहिए।
‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर सियासत तेज, आरक्षण के भविष्य पर टिकी नजरें
गौरतलब है कि 106वां संविधान संशोधन बिल लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करने का प्रावधान करता है। जहां देश भर की महिलाओं में इसे लेकर उत्साह है, वहीं विपक्ष इसे जनगणना और परिसीमन से जोड़ने को लेकर सरकार की घेराबंदी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना जरूरी है, लेकिन सीटों की संख्या के गणित को लेकर सरकार को पारदर्शिता बरतनी चाहिए।
ट्रेजरी से अवैध निकासी पर सरकार सख्त, सीएम बोले- दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
कोषागार (ट्रेजरी) से गलत तरीके से पैसे निकालने के मामले पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि मामला सरकार के संज्ञान में है और कार्रवाई शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि कुछ संदिग्ध निकासी को चिन्हित किया गया है और सभी विभागों को सतर्क कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार के इस मामले को सरकार ने अत्यंत गंभीरता से लिया है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

