किशनगंज। रेलवे स्टेशन परिसर स्थित भोजनालय (कैंटीन) में नियमों की अनदेखी कर घरेलू गैस सिलेंडर से यात्रियों के लिए भोजन तैयार किए जाने का मामला सामने आया है। रेलवे स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में इस तरह की लापरवाही यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन के भोजनालय में कमर्शियल गैस सिलेंडर के स्थान पर घरेलू गैस सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है। नियमों के तहत किसी भी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, होटल या कैंटीन में केवल कमर्शियल गैस सिलेंडर का उपयोग अनिवार्य होता है। इसके बावजूद भोजनालय संचालक द्वारा घरेलू सिलेंडर से खाना तैयार किया जा रहा है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
विशेषज्ञों के अनुसार, घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग न केवल सरकारी सब्सिडी का दुरुपयोग है, बल्कि सुरक्षा की दृष्टि से भी खतरनाक साबित हो सकता है। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ रहती है, ऐसे में किसी भी प्रकार की गैस संबंधी दुर्घटना बड़े हादसे का रूप ले सकती है। हैरानी की बात यह है कि रेलवे अधिकारियों की मौजूदगी के बावजूद यह कार्य खुलेआम किया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इससे विभागीय निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर दोषी भोजनालय संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। भोजनालय संचालक गंगा प्रसाद यादव ने बताया कि कमर्शियल गैस सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने के कारण घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि दूसरे स्थान से मांग कर सिलेंडर लाया गया है ताकि यात्रियों को भोजन उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि, जानकारों का कहना है कि कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में भी घरेलू सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग नियमों के खिलाफ है और यह गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा करता है।
यात्रियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने की मांग की है।


