पटना। बिहार में 1 अप्रैल से बिजली दरों में संभावित बड़े बदलाव को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बिहार विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार पर तीखा हमला बोला है और चुनावी वादों से पीछे हटने का आरोप लगाया है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान 125 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा करने वाली सरकार अब महज चार महीने में ही अपने वादे से पलट गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “नीतीश-भाजपा फिर पलटी मार गई” और जनता से अधिक बिजली शुल्क वसूलने की तैयारी कर रही है।
सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए उन्होंने दावा किया कि नई प्रस्तावित दरों के अनुसार शाम 11 बजे तक के सर्वाधिक खपत वाले 6 घंटों के लिए 8.10 रुपये प्रति यूनिट, रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक के 10 घंटों के लिए 7.10 रुपये प्रति यूनिट और शेष 8 घंटों के लिए 5.94 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिल लिया जाएगा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि 10 हजारिया के फेर में फौरी तौर पर खुश होकर वोट गिरवी रखने वालों को यह सरकार अभी इससे भी बुरे दिन दिखाएगी। नई सरकार के अभी 4 महीने ही हुए है, सरकार का खजाना एकदम खाली है और जो बचा-खुचा है उसे भ्रष्ट अधिकारी स्वयं समेट लेंगे।
तेजस्वी ने कहा कि चुनाव आयोग की अनैतिकता, धूर्तता और निर्जल्लता के सानिध्य में मशीनी तंत्र के मार्फ़त जनतंत्र को खत्म करने के इरादे से लड़े गए इस चुनाव में भ्रष्ट भूंजा पार्टी एवं भ्रष्ट अधिकारियों के कार्टेल ने स्थापित लोकतांत्रिक मर्यादाओं, परंपराओं तथा लोकलाज को तार-तार करते हुए चुनाव के आख़िरी 35 दिनों में (वोटिंग के समय तक भी) जो 41,000 हज़ार करोड़ रुपये नगद सरकारी खजाने का बांटा है, अब आगामी पांच साल तक उसकी जी भरकर वसूली करेंगे।
तेजस्वी यादव ने कहा कि थके-हारे जिस चेहरे को सोची समझी साजिश और षड्यंत्र के तहत मोहरा बनाया गया, अब उसी अचेत चेहरे को भ्रष्ट और डरपोक सिंडिकेट ने इकरारनामे के तहत दरकिनार कर ही दिया है। देर-सवेर यह लोकतांत्रिक कलंक और आसमानी वादों की विफलता भी उन्हीं के माथे मढ़ी जाएगी। पूर्व की मेरी कहे अन्य तमाम बातों की तरह यह भी सत्य साबित होगा। बिहार में पहले से ही बेकाबू रिश्वतखोरी, लूट और अनियंत्रित भ्रष्टाचार का अब अकल्पनीय दौर शुरू होगा।


