रांची : झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स की पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव उप समिति की बैठक आज चैम्बर भवन में हुई। अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण देश में एलपीजी सिलिंडर तथा पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति और सप्लाई को लेकर उत्पन्न स्थिति पर बैठक में चिंता व्यक्त की गई। कहा गया कि इन परिस्थितियों के कारण देश भर में गैस की उपलब्धता को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चर्चाओं के क्रम में यह कहा गया कि एलपीजी की कमी के कारण लाखों छोटे फैब्रिकेटर्स बंद होने के कगार पर हैं। इससे अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी।
चैम्बर उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने कहा कि वर्तमान समय में देश में आपात जैसी परिस्थितियाँ अवश्य प्रतीत हो रही हैं किंतु पेट्रोलियम उत्पादों एवं गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है तथा सरकार ने भी इसकी पुष्टि की है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि झारखण्ड को देश के समक्ष एक आदर्श राज्य के रूप में प्रस्तुत करते हुए व्यापारियों-उद्यमियों एवं आम उपभोक्ताओं को राहत देने के उद्देश्य से प्रति उपभोक्ता बिजली खपत के आधार पर लगभग 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त यूनिट की सुविधा या रियायत देने पर विचार किया जाए। इससे लोगों की पेट्रोलियम उत्पादों एवं गैस पर निर्भरता कुछ हद तक कम होगी और आम जनजीवन को भी राहत मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में कॉमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति बाधित होने के कारण कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों एवं औद्योगिक इकाइयों के समक्ष कठिन परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। झारखण्ड चैम्बर इस चुनौतीपूर्ण समय में सरकार के साथ खड़ा है और हमें विश्वास है कि सरकार स्थिति को शीघ्र सामान्य करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि कॉमर्शियल एलपीजी गैस की आपूर्ति पुनः प्रारंभ होने पर वास्तविक उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के गैस उपलब्ध हो सके। इसके लिए सरकार द्वारा एक स्पष्ट एसओपी शीघ्र जारी की जानी चाहिए, जिससे वितरण व्यवस्था सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनी रहे।
उप समिति के चेयरमैन जसविंदर सिंह ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि राज्य में एलपीजी की आपूर्ति सामान्य है और घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। उन्होंने इस स्थिति में उपभोक्ताओं से संयम बनाकर रखने की अपील की। बैठक में उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, उप समिति चेयरमैन जसविंदर सिंह, सदस्य प्रमोद सारस्वत, किशन अग्रवाल और अलोक कुमार उपस्थित थे।


