तेहरान। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिका से ईरान के प्रति अपने लहजे और नजरिए में बदलाव करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दबाव और धौंस की नीति से दोनों देशों के बीच बातचीत और प्रशासनिक प्रक्रियाएं और जटिल होंगी। पेजेशकियान ने अमेरिका से ईरान के वैध अधिकारों और अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर अपनी जिम्मेदारियों के प्रति प्रतिबद्ध रहने का आग्रह किया।
आपसी सहयोग से समझौते के लक्ष्य हासिल करने की उम्मीद
राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित बयान के अनुसार, पेजेशकियान ने सोमवार को तेहरान में पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात के दौरान यह टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान के प्रति अपना दृष्टिकोण बदलना चाहिए और दोनों देशों के बीच तय लक्ष्यों को आपसी सहयोग और राजनीतिक इच्छाशक्ति के जरिए हासिल करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
पेजेशकियान ने अमेरिका-ईरान शांति समझौता ज्ञापन में तय लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष बातचीत और सहयोग जारी रखकर किसी अंतिम समझौते तक पहुंचने में सफल हो सकते हैं।
17 अगस्त को खत्म हुई बातचीत की समय-सीमा
18 जून को अमेरिका और ईरान ने एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए थे। इसके तहत दोनों देशों को अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों के भीतर बातचीत करनी थी। इसकी समय-सीमा 17 अगस्त को समाप्त हो चुकी है। हालांकि, दोनों देशों के बीच फिर से बढ़े तनाव के कारण बातचीत का भविष्य फिलहाल अनिश्चित बना हुआ है।
ईरान ने आक्रामक पक्षों की शर्तें मानने से किया इनकार
इस बीच ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि उनका देश आक्रामक पक्षों की शर्तों पर युद्ध खत्म नहीं करेगा। तेहरान में साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान ने युद्ध शुरू नहीं किया है, लेकिन वह अपनी शर्तों और राष्ट्रीय हितों से समझौता नहीं करेगा।
बघाई ने कहा कि ईरान अपने क्षेत्र की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध है और कथित आक्रामक पक्षों की अत्यधिक मांगों के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने अमेरिका के उन दावों को भी खारिज किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और वहां से प्रतिदिन लाखों बैरल तेल गुजर रहा है। उन्होंने इन दावों को मनोवैज्ञानिक और मीडिया युद्ध का हिस्सा बताया।
अमेरिकी प्रतिबंधों के खिलाफ बहुपक्षीय क्षमताओं के इस्तेमाल की चेतावनी
ईरानी प्रवक्ता ने अमेरिका के हालिया आर्थिक अभियान की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि तेहरान अमेरिकी प्रतिबंधों का मुकाबला करने के लिए अपनी सभी बहुपक्षीय क्षमताओं का इस्तेमाल करेगा। उन्होंने प्रतिबंधों को मुक्त व्यापार और राष्ट्रीय संप्रभुता के लिए नुकसानदायक बताया।
बघाई ने उन देशों को भी चेतावनी दी जो ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियानों में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे देशों को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। साथ ही अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को उन्होंने आक्रामकता की कार्रवाई करार दिया।
