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Tuesday, August 25, 2026

रिम्स में शैक्षणिक विस्तार और नई अकादमिक पहल पर मंथन

रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में संस्थान में शैक्षणिक विस्तार, मानव संसाधन को मजबूत करने, आधारभूत संरचना विकसित करने और नए पाठ्यक्रम शुरू करने से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में 250 एमबीबीएस सीटों के अनुरूप विभिन्न विभागों में फैकल्टी, सीनियर रेजिडेंट, ट्यूटर और अन्य आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही चिकित्सा शिक्षा, शोध और मरीजों को मिलने वाली सेवाओं के विस्तार की दिशा में कई नई अकादमिक पहलों पर भी विचार किया गया।

250 एमबीबीएस सीटों के अनुरूप बढ़ेगा संसाधन

एकेडमिक काउंसिल की बैठक के एजेंडे में 250 एमबीबीएस सीटों के अनुरूप विभिन्न विभागों में आवश्यक शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रस्ताव शामिल रहा। बायोकेमिस्ट्री विभाग में 250 एमबीबीएस और 15 पीजी सीटों के अनुरूप प्रयोगशाला, शिक्षण सुविधाओं, उपकरण और आधारभूत संरचना के विस्तार पर भी चर्चा हुई।

मनोरोग विभाग को और सुदृढ़ करने तथा रिम्स में डी-एडिक्शन सेंटर के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। वहीं, रेडियाथैरेपी विभाग का नाम बदलकर रेडिएशन ऑन्कोलॉजी और ब्लड सेंटर का नाम डिपार्टमेंट ऑफ इम्यूनोहेमेटोलॉजी एंड ब्लड ट्रांसफ्यूजन करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

एमडी-पीएचडी और नए शैक्षणिक कार्यक्रमों पर विचार

बैठक में चिकित्सा शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए इंटीग्रेटेड एमडी-पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव पर भी विचार किया गया। इसके अलावा ह्यूमन जेनेटिक्स और बायोटेक्नोलॉजी से जुड़े नए शैक्षणिक कार्यक्रम शुरू करने तथा नियोनेटोलॉजी में अर्ली इंटरवेंशन सेंटर स्थापित करने के प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल रहे।

डेंटल कॉलेज में एमडीएस पाठ्यक्रम के लिए आवश्यक शिक्षकीय और सीनियर रेजिडेंट पदों की व्यवस्था, ओरल सर्जरी विभाग में प्रोफेसर पद सृजित करने, इंटरनल एग्जामिनर्स के पारिश्रमिक में संशोधन और विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई।

नर्सिंग में एमएससी और क्रिटिकल केयर डिप्लोमा

नर्सिंग कॉलेज में एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए आवश्यक शिक्षकों की नियुक्ति और भारतीय नर्सिंग परिषद के मानकों के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ ही क्रिटिकल केयर में एक वर्षीय बेसिक डिप्लोमा कोर्स शुरू करने पर भी विचार किया गया।

बैठक में जूनियर रेजिडेंट (अकादमिक) की संख्या बढ़ाकर 150 करने तथा बाहरी अभ्यर्थियों के लिए ऑब्जर्वरशिप और इंटर्नशिप से संबंधित व्यापक नीति तैयार करने जैसे प्रस्ताव भी शामिल रहे।

इन प्रस्तावों का उद्देश्य रिम्स में चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत करना, नियामकीय मानकों के अनुरूप मानव संसाधन एवं आधारभूत संरचना विकसित करना और विद्यार्थियों व शोधार्थियों के लिए अकादमिक अवसरों का विस्तार करना है।

राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना में रिम्स शामिल

राज्य कर्मियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी रिम्स ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रिम्स को राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत एम्पैनेल्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर के रूप में शामिल किया गया है। इस संबंध में रिम्स प्रबंधन और योजना की इंश्योरेंस प्रदाता कंपनी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।

रिम्स प्रबंधन के अनुसार, एक सप्ताह के भीतर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। एमओयू पर हस्ताक्षर के दौरान रिम्स निदेशक, चिकित्सा अधीक्षक, अपर चिकित्सा अधीक्षक-सह-योजना के नोडल अधिकारी, बीमा कंपनी के पदाधिकारी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से झारखंड स्टेट आजीविका प्रमोशन सोसाइटी के अधिकारी मौजूद रहे।

रिम्स निदेशक ने कहा कि राज्यकर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत संस्थान का एम्पैनेल्ड हेल्थ केयर प्रोवाइडर बनना सरकारी कर्मियों तक विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। राज्य के प्रमुख सरकारी चिकित्सा संस्थान के रूप में रिम्स मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

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