खूंटी। झारखंड के खूंटी जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच प्रसिद्ध जलप्रपातों और नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। पहाड़ों से तेज वेग से गिरती जलधाराएं, घने जंगल और हरियाली पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। वहीं बढ़ते जलस्तर, तेज बहाव और फिसलन भरी चट्टानों को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की है।
जलप्रपातों पर उमड़ रहे पर्यटक, बढ़ा हादसों का खतरा
लगातार बारिश के कारण पेरवा घाघ, पंचघाघ, रानी फॉल, सप्तधारा, चंचला घाघ, पाण्डु पुडिंग और रिमिक्स फॉल समेत जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पानी का बहाव कई गुना बढ़ गया है। सप्ताहांत और छुट्टियों में रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद, हजारीबाग के अलावा ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं।
पर्यटन विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून में जलप्रपात जितने आकर्षक दिखते हैं, उतने ही खतरनाक भी हो जाते हैं। चट्टानों पर काई जमने से फिसलन बढ़ जाती है और तेज बहाव के बीच सेल्फी या वीडियोग्राफी के लिए किनारों तक जाना जानलेवा साबित हो सकता है।
प्रशासन ने जारी किए सुरक्षा निर्देश
संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से जलप्रपातों के किनारे जाने, तेज बहाव वाले क्षेत्रों में प्रवेश करने और बैरिकेडिंग पार करने से बचने की अपील की है। जंगलों और ऊंची चट्टानों पर सेल्फी नहीं लेने तथा बच्चों पर विशेष नजर रखने की सलाह भी दी गई है। प्रशासन का कहना है कि प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद सुरक्षित दूरी से ही लेना चाहिए।
बारिश में सांपों से भी सतर्क रहने की सलाह
सिविल सर्जन डॉ. ललित रंजन पाठक ने कहा कि लगातार बारिश के कारण सांप और अन्य विषैले जीव-जंतु बिलों से बाहर निकल सकते हैं। लोगों को घर और आसपास साफ-सफाई रखने, रात में टॉर्च का उपयोग करने तथा झाड़ियों में सावधानी से जाने की सलाह दी गई है। यदि सांप दिखाई दे तो उसे पकड़ने या मारने का प्रयास न करें और तुरंत वन विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचने की अपील की गई है।
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी जिले में अच्छी बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर संवेदनशील पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। साथ ही लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की गई है।
