पूर्वी सिंहभूम। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले बुधवार को भारत-अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते के विरोध में जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर केंद्र सरकार से प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की। इस दौरान किसानों और मजदूरों से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
समझौते को किसानों के हितों के खिलाफ बताया
संयुक्त किसान मोर्चा ने ज्ञापन में कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता किसानों, मजदूरों और आम जनता के हितों के विपरीत है। संगठन का आरोप है कि इस समझौते के तहत अमेरिकी कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर आयात शुल्क में बड़ी कमी या समाप्ति की तैयारी है। इससे अमेरिकी कृषि उत्पाद भारतीय बाजार में बड़ी मात्रा में पहुंचेंगे, जिसका सीधा असर देश के किसानों की आय और खेती पर पड़ेगा।
मोर्चा का कहना है कि अमेरिका की कृषि आधुनिक तकनीक, बड़े जोत और सरकारी सहायता पर आधारित है, जबकि भारत में अधिकांश किसान छोटे और सीमांत वर्ग के हैं। बढ़ती खेती लागत और उपज का उचित मूल्य नहीं मिलने की स्थिति में विदेशी कृषि उत्पादों के लिए बाजार खोलना भारतीय किसानों के लिए आर्थिक संकट पैदा कर सकता है।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन
मोर्चा ने बताया कि 22 जुलाई को देशभर के जिला मुख्यालयों में इसी मुद्दे को लेकर प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। पूर्वी सिंहभूम में भी इसी क्रम में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति से किसानों के हितों की रक्षा करते हुए प्रस्तावित व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की गई।
ज्ञापन सौंपने वालों में कृष्ण चंद्र साहू, धीरेन बलाकाट, नुना राम रजक, अंबिका महतो और नकु रजक प्रमुख रूप से शामिल रहे।
