पलामू। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पलामू के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण कोयल नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इसके चलते मेदिनीनगर-शाहपुर-चैनपुर मार्ग पर निर्माणाधीन नए पुल का कार्य दूसरी बार रोकना पड़ा है। नदी में लगी सभी मशीनों और उपकरणों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। जलस्तर सामान्य होने के बाद निर्माण कार्य फिर शुरू किया जाएगा।
30 पाइलिंग का कार्य पूरा
निर्माण एजेंसी के परियोजना प्रबंधक बबलू पांडे ने बताया कि बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मशीनों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। अब तक दो पिलरों के लिए 30 पाइलिंग का कार्य पूरा हो चुका है। जलस्तर कम होते ही पाइलिंग का कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि 13 मई से शुरू हुए निर्माण कार्य के तहत कुल 195 पाइलिंग की जानी है। प्रत्येक पिलर के लिए 15 पाइलिंग का प्रावधान है। दो मशीनों की सहायता से यह कार्य किया जा रहा था।
अस्थायी डायवर्जन भी हुआ क्षतिग्रस्त
तेज बहाव के कारण निर्माण कार्य के लिए बनाया गया अस्थायी डायवर्जन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। इसकी मरम्मत का कार्य जारी है। निर्माण में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरणों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।
64 करोड़ की परियोजना से मिलेगी जाम से राहत
कोयल नदी पर बना पुराना पुल जर्जर होने और लगातार जाम की समस्या के कारण लंबे समय से नए पुल की मांग की जा रही थी। क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया और पलामू के सांसद वीडी राम ने इस मुद्दे को सरकार के समक्ष उठाया था। इसके बाद नए पुल के निर्माण को मंजूरी मिली।
करीब 64 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल को 25 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पुल बनने के बाद मेदिनीनगर, शाहपुर और चैनपुर के बीच आवागमन सुगम होगा और हजारों लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
