गुवाहाटी। राजधानी गुवाहाटी के सरुसजाई स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुवा खेल परिसर में शनिवार काे आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 87वें स्थापना दिवस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिस्सा लिया।सीआरपीएफ द्वारा आयोजित परेड कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने परेड का निरीक्षण कर सलामी ली।
गुवाहाटी के सरुसजाई स्थित अर्जुन भोगेश्वर बरुवा खेल परिसर में शनिवार काे सीआरपीएफ के द्वारा विशेष भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। सीआरपीएफ के स्थापाना दिवस पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने बल के कार्यों की प्रशंसा की। इस मौके पर सीआरपीएफ की कुछ आकर्षक कार्यशैली-बैंड आदि भी प्रस्तुत हुए। विभिन्न अभियानों में सीआरपीएफ द्वारा इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक सशस्त्र विभिन्न वाहन भी प्रदर्शित किए गए।
ज्ञात हो कि, दो दिवसीय दौरे पर असम पहुंचे अमित शाह का आज दूसरा दिन है। इस कार्यक्रम के बाद केंद्रीय गृह मंत्री गुवाहाटी के सोनापुर स्थित कचुतली जाएंगे। जहां पर वे 10वें असम पुलिस बटालियन के मुख्यालय की आधारशिला रखेंगे। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा, सीआरपीएफ के महानिदेशक जीपी सिंह आदि मौजूद थे।
सीआरपीएफ 86 वर्ष से अपने उत्कृष्ण प्रदर्शन, शौर्य, धैर्य, वीरता एवं बलिदान के साथ देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है। बल के 2270 जवानों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिए हैं, उनको मैं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित कर इस कार्यक्रम में उपस्थित हुआ हूं। उनके बलिदानी जज्बा के कारण ही देश को बचाने एवं सरक्षित करने का कार्य हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देश में तीन बड़े हॉट स्पाट थे। जम्मू कश्मीर और माओवादी एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र में पूर्व में बम धमाके होते थे, जिन्हें सीआरपीएफ ने रोककर देश में शांति और सुरक्षा को कायम किया है। इन तीनों क्षेत्रों को शांत करने में, खासकर पूर्वोत्तर को शांत करने में सीआरपीएफ के 700 जवानों ने, जम्मू कश्मीर में 540 जवानों तथा देश के अन्य हिस्सों में बल ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। असम में सिर्फ 79 जवानों ने अपना बलिदान दिया है। इस मौके पर उन्होंने अन्य कई बातें कही।


