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Saturday, April 18, 2026

बीमा कंपनी की मनमानी पर आयोग का सख्त रुख, भुगतान करने के निर्देश

पश्चिमी सिंहभूम। पश्चिमी सिंहभूम जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग,चाईबासा ने गुरुवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस बीमा कंपनी की मनमानी पर कड़ा रुख अपनाते हुए परिवादी बसंत कुमार के पक्ष में निर्णय सुनाया है।

आयोग ने स्पष्ट किया कि बिना ठोस आधार के बीमा दावा अस्वीकार करना उपभोक्ता अधिकारों का उल्लंघन है और इसे सेवा में कमी तथा अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार,चाईबासा के रानी कॉलोनी निवासी बसंत कुमार ने अपने हाइवा वाहन (संख्या जेएच05एवाई6141) का बीमा इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी से कराया था। 19 फरवरी 2024 को वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया,जिसके बाद उन्होंने निर्धारित प्रक्रिया के तहत बीमा दावा प्रस्तुत किया।

बीमा कंपनी ने दावा यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन अधिक भार (ओवरलोड) में चल रहा था,जो बीमा शर्तों का उल्लंघन है। हालांकि,मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के समक्ष प्रस्तुत दस्तावेजों और चालान संख्या 14021 एवं 14024 की जांच में यह तथ्य सामने आया कि वाहन दुर्घटना के समय दूसरे फेरे में था और निर्धारित सीमा के भीतर ही लोड किया गया था।

आयोग ने अपने आदेश में कहा कि बीमा कंपनी ने बिना पर्याप्त साक्ष्य के दावा अस्वीकार किया,जो पूरी तरह मनमाना और अवैध है। आयोग ने यह भी टिप्पणी की कि केवल सूचना देने में देरी को आधार बनाकर दावा खारिज करना उचित नहीं है,जब तक यह साबित न किया जाए कि देरी से कंपनी को वास्तविक नुकसान हुआ है।

आयोग ने बसंत कुमार को कुल एक लाख रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है,जिसमें सत्तर हजार रुपये बीमा दावा राशि,बीस हजार रुपये मानसिक प्रताड़ना के लिए तथा दस हजार रुपये वाद व्यय के रूप में शामिल हैं। साथ ही आयोग ने आदेश दिया कि यह राशि 45 दिनों के भीतर अदा की जाए, अन्यथा इस पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज भी देना होगा।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

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