टीडीएस आय प्राप्त करने वाला व्यक्ति का आयकर का भुगतान है : सीए गोपेश गोयनका

बिरसा भूमि लाइव

रांची : आईसीऐआई भवन रांची में दी इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया, रांची शाखा के द्वारा आयोजित सेमिनार में टीडीएस विषय पर जानकारी देते हुए प्रत्यक्ष कर के विशेषज्ञ सीए गोपेश गोयनका ने कहा कि टीडीएस आय प्राप्त करने वाला व्यक्ति का आयकर का भुगतान है। टीडीएस या स्रोत पर कर कटौती ऐसे भुगतान करने वाले व्यक्तियों द्वारा किराया, कमीशन, पेशेवर शुल्क, वेतन, ब्याज इत्यादि जैसे निर्दिष्ट भुगतान करने के समय भुगतान किए गए धन से काटा गया आयकर है। आयकर अधिनियम के तहत निर्दिष्ट भुगतान करने वाले किसी भी व्यक्ति को ऐसे निर्दिष्ट भुगतान के समय टीडीएस काटना आवश्यक है। लेकिन यदि भुगतान करने वाला व्यक्ति कोई व्यक्ति या एचयूएफ है जिसकी पुस्तकों का ऑडिट करने की आवश्यकता नहीं है, तो कोई टीडीएस नहीं काटा जाएगा।

उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल 2023 से ऑनलाइन गेमिंग पर भी टीडीएस देय हो गया है साथ ही बैंक से नगदी 1 करोड़ से ज्यादा निकासी पर टीडीएस देय है लेकिन यदि पिछले तीन वर्षो का आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया गया है तो 20 लाख से अधिक नगदी निकासी पर टीडीएस कटेगा। उन्होंने बताया कि काटे गए टीडीएस को जमा करने कि आखरी तारीख हर माह के 7वीं तारीख होती है। स्रोत पर कर कटौती रिटर्न दाखिल करना उन सभी व्यक्तियों के लिए अनिवार्य है जिन्होंने टीडीएस काटा है।

टीडीएस रिटर्न त्रैमासिक जमा किया जाना है और विभिन्न विवरण प्रस्तुत करने होंगे जैसे टैन, काटी गई टीडीएस की राशि, भुगतान का प्रकार, कटौती करने वाले का पैन, आदि। इसके अलावा, टीडीएस की कटौती के उद्देश्य के आधार पर रिटर्न दाखिल करने के लिए अलग-अलग फॉर्म निर्धारित हैं। विभिन्न प्रकार के रिटर्न फॉर्म दाखिल करने कि समय सीमा अलग अलग है। जैसे Q1 – 31 जुलाई Q2 – 31 अक्टूबर Q3 – 31 जनवरी Q4 – 31 मई निर्धारित है। सीए गोपेश गोयनका ने उपस्थित चार्टर्ड अकाउंटेंट के सवालों का समाधान भी किया।

सेमिनार के आरम्भ में विशेषज्ञ वक्ता और उपस्थित चार्टर्ड एकाउंटेंट्स का स्वागत करते हुए इंस्टिट्यूट के रांची शाखा अध्यक्ष सीए पंकज मक्कड़ ने कहा कि नॉलेज आधारित प्रोफेशनल होने के कारण हम चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए इस तरह का सेमिनार में भाग लेना आवश्यक है इससे हमें व्यवसाय से जुड़े कानूनों में हो रहे संसोधनो और नए कानूनों को समझने में काफी मददगार साबित होता है साथ ही नए नए क्षेत्रों में उत्पन्न हो रहे प्रोफेशनल सम्भावनायें कि महत्वपूर्ण जानकारी भी प्राप्त होती है।

इस सेमिनार में सीए अरुण केजवारीवाल, सीए साकेत मोदी, सीए प्रवीण गोपाल झा, सीए अनीता कुमारी सहित काफी संख्या में चार्टर्ड अकाउंटेंट शामिल थे।

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