31.7 C
Kolkata
Tuesday, August 11, 2026

सुदेश महतो ने लाठीचार्ज की निंदा, सीएम से संवाद की मांग

रांची। जेपीएससी-जेएसएससी सुधार और विभिन्न मांगों को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो मंगलवार को आंदोलन स्थल पहुंचे। उन्होंने अनशन पर बैठे छात्रों और अन्य आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी स्थिति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई और लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की। सुदेश महतो ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से छात्रों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की।

‘युवाओं की सरकार’ पर सुदेश महतो ने उठाए सवाल

सुदेश महतो ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि जो सरकार खुद को युवाओं की सरकार बताती रही है, उसी सरकार के कार्यकाल में अपने राज्य के युवाओं पर लाठीचार्ज किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को समझने और उनकी मांगों पर बातचीत करने के लिए मुख्यमंत्री को स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के पास शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी है और राज्य में अलग से शिक्षा मंत्री नहीं है। ऐसे में शिक्षा और विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दों पर छात्रों से बातचीत करना मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री छात्रों के बीच जाकर उनकी बात सुनने से क्यों बच रहे हैं।

जेपीएससी-जेएसएससी मामले की सीबीआई जांच की मांग

जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर भी सुदेश महतो ने सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों और संस्थाओं से जुड़े मामलों पर सवाल उठ रहे हैं, उन्हीं से जुड़ी राज्य की एजेंसियों से जांच कराने पर उसकी निष्पक्षता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

सुदेश महतो ने पूरे मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो से कराने की मांग की। उनका कहना था कि छात्रों के बीच जांच की निष्पक्षता को लेकर भरोसा पैदा करने के लिए किसी स्वतंत्र तीसरी एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।

दोनों एजेंसियों पर समान कार्रवाई की मांग

आजसू सुप्रीमो ने कहा कि झारखंड में रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी दो प्रमुख एजेंसियां काम कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक एजेंसी के मामले में कार्रवाई हुई, उसके प्रमुख ने इस्तीफा दिया और बाद में गिरफ्तारी तक हुई, जबकि दूसरी एजेंसी को लेकर वैसी ठोस कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है।

उन्होंने सरकार से दोनों मामलों में समान मानदंड अपनाते हुए कार्रवाई करने की मांग की, ताकि छात्रों के बीच जांच प्रक्रिया को लेकर किसी तरह का संदेह न रहे।

‘आंदोलन छात्रों का, राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए’

सुदेश महतो ने कहा कि छात्र आंदोलन को उनका समर्थन शुरुआत से रहा है, लेकिन यह आंदोलन छात्रों का है और इसमें राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र अपने अधिकारों के लिए खुद आंदोलन खड़ा करने में सक्षम हैं और उन्होंने इसे साबित भी किया है।

उन्होंने बताया कि आजसू पार्टी की छात्र इकाई आंदोलन को अपना पूरा समर्थन दे रही है। 10 अगस्त को छात्रों पर लाठीचार्ज की घटना के बाद उन्हें स्वयं आंदोलन स्थल पर पहुंचने की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह टकराव का रास्ता छोड़कर छात्रों से तत्काल संवाद करे और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करे।

#सुदेशमहतो, #छात्रआंदोलन, #जेपीएससी

Related Articles

नवीनतम लेख