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Monday, August 10, 2026

वाटर कैनन के बीच झूमे छात्र, बैरिकेड पर किया डांस

रांची। जेपीएससी, जेएसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार को छात्र अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेराव मार्च किया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज तथा वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। कार्रवाई के बीच छात्रों का अलग अंदाज भी देखने को मिला। कई छात्र पानी की बौछार के बीच नारेबाजी करते हुए झूमते नजर आए।

वाटर कैनन की तेज बौछारों के बीच कुछ छात्र सड़क पर डांस करते रहे। वहीं, एक छात्र बैरिकेड पर चढ़कर नृत्य करता दिखाई दिया। कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन से आ रही पानी की बौछार के बीच साबुन लगाकर नहाना शुरू कर दिया। इस दौरान स्पाइडरमैन और भालू की वेशभूषा में पहुंचे दो युवक भी प्रदर्शनकारियों के बीच आकर्षण का केंद्र बने रहे।

पुलिस कार्रवाई के बावजूद प्रदर्शनकारियों का एक वर्ग मौके पर डटा रहा। छात्र लगातार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अपनी मांगों को लेकर पीछे नहीं हटने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका आंदोलन केवल तत्काल विरोध तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके भविष्य और रोजगार के अधिकार से जुड़ा मामला है।

प्रदर्शन में शामिल राहुल कुमार, प्रवीण कश्यप और रवींद्र कुमार समेत अन्य छात्रों ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में युवा कई वर्षों तक मेहनत करते हैं। इसके लिए वे अपनी आर्थिक और व्यक्तिगत प्राथमिकताओं को भी पीछे छोड़ देते हैं। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की शिकायतें सामने आने से अभ्यर्थियों का भरोसा प्रभावित होता है।

छात्रों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी, जेएसएससी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार कथित गड़बड़ी और धांधली की शिकायतें सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद भी भर्ती प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने से युवाओं में अपने भविष्य को लेकर असुरक्षा बढ़ रही है।

छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि नौकरी हासिल करने के लिए रिश्वत की रकम मांगने जैसी शिकायतें सामने आने से चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठता है। उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरी में चयन का आधार योग्यता और मेहनत होना चाहिए। आर्थिक रूप से सक्षम या प्रभावशाली लोगों को किसी तरह का अतिरिक्त लाभ नहीं मिलना चाहिए।

छात्र अभ्यर्थियों ने झारखंड सरकार से प्रतियोगी परीक्षाओं की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि परीक्षा से लेकर परिणाम और नियुक्ति तक हर चरण में निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए और किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल सरकार का विरोध करना नहीं, बल्कि भर्ती व्यवस्था में सुधार की मांग उठाना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी, ताकि आने वाली पीढ़ी को अपने शिक्षा और रोजगार के अधिकार के लिए सड़कों पर उतरने की जरूरत न पड़े।

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