तेहरान। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि पश्चिम एशिया में स्थायी सुरक्षा अमेरिकी सैन्य मौजूदगी से नहीं, बल्कि बाहरी हस्तक्षेप समाप्त होने और क्षेत्रीय देशों के आपसी सहयोग से सुनिश्चित की जा सकती है।
अमेरिकी सैन्य उपस्थिति पर उठाए सवाल
ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, उप विदेश मंत्री ने बहरीन में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के नेतृत्व में आयोजित सुरक्षा वार्ता के बाद सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह टिप्पणी की। सम्मेलन में 12 देशों के सैन्य अधिकारियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा, रक्षा सहयोग और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।
गरीबाबादी ने कहा कि बहरीन में आयोजित सैन्य सम्मेलन फारस की खाड़ी में स्थायी सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर सकता। उनके अनुसार, क्षेत्र की सुरक्षा तभी संभव है जब बाहरी हस्तक्षेप समाप्त हो, अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी हटाए, सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान किया जाए और नई भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को स्वीकार किया जाए।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान ने दोहराया दावा
उप विदेश मंत्री ने कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य ईरान के अधिकार क्षेत्र में आता है, न कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड के। उन्होंने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर ईरान की संप्रभुता को दोहराते हुए कहा कि इसका संचालन अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप ईरान के प्रशासन के तहत ही होगा।
समझौते का भी किया उल्लेख
ईरान ने दावा किया कि अमेरिका और इज़राइल के साथ संघर्ष के शुरुआती दिनों में होर्मुज़ जलडमरूमध्य में आवाजाही सीमित कर दी गई थी। बाद में पाकिस्तान की मध्यस्थता में ईरान और अमेरिका के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन के तहत दोनों पक्षों ने तनाव कम करने और अंतिम समझौते के लिए वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई। ईरान ने यह भी कहा कि समझौते के तहत वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने और निर्धारित समयसीमा में सामान्य परिचालन बहाल करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई है।
