देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रुद्रप्रयाग में अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। जिले के ऊखीमठ में 120 मिमी और जखोली में 58 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। मुनकटिया के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-107 अवरुद्ध होने के कारण केदारनाथ यात्रा आंशिक रूप से रोक दी गई है। रुद्रप्रयाग जिले में तीन स्थानों पर राष्ट्रीय राजमार्ग समेत अनेक सड़कें बंद हैं और प्रशासन ने लोगों से नदी तटों से दूर रहने की अपील की है।
टिहरी में भूस्खलन से सड़कें बंद और पेयजल आपूर्ति बाधित
टिहरी गढ़वाल में भूस्खलन और मलबे की वजह से दो राष्ट्रीय राजमार्गों सहित 20 मोटर मार्ग प्रभावित हुए हैं। प्रतापनगर और कीर्तिनगर क्षेत्रों में भवनों व संपर्क मार्गों को नुकसान पहुंचा है तथा कुछ गांवों में पेयजल आपूर्ति बाधित हो गई है। संबंधित विभाग बंद मार्गों को खोलने के काम में जुटे हैं। जिला आपदा परिचालन केंद्र के अनुसार चमीयाला में बालगंगा नदी का जलस्तर 924.04 मीटर दर्ज किया गया, जो चेतावनी स्तर से ऊपर है, हालांकि गंगा व अलकनंदा सहित अन्य प्रमुख नदियां फिलहाल खतरे के निशान से नीचे हैं।
देहरादून में एप्रोच रोड क्षतिग्रस्त, जिलाधिकारी ने लिया जायजा
देहरादून में प्रेमनगर स्थित नंदा की चौकी के पास बारिश से पुलिया की एप्रोच रोड का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है। सोमवार रात से जारी भारी बारिश के बीच जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और नंदा की चौकी पुल की क्षतिग्रस्त एप्रोच वॉल को तीन घंटे के भीतर बहाल करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने सोडा सरोली पहुँचकर क्षतिग्रस्त PMGSY सड़क को तत्काल खोलने के आदेश दिए, जबकि मलबा आने से बंद थानों मार्ग को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। राज्य भर में बारिश के मद्देनजर प्रशासन ने आम लोगों से नदी-नालों के समीप न जाने और केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।
