पश्चिम चम्पारण। बगहा और खरपोखरा रेलवे स्टेशन के बीच गोरखपुर–नरकटियागंज रेलखंड पर मंगलवार सुबह एक दुर्लभ फिशिंग कैट घायल अवस्था में मिली। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग और रेलवे प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाकर उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया।
ग्रामीणों ने पहले उसे तेंदुए का शावक समझा, लेकिन पर्यावरण रक्षक गजेन्द्र यादव ने उसकी पहचान फिशिंग कैट के रूप में की और वन विभाग को सूचना दी। इसके बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया।
रेस्क्यू के दौरान ट्रेनों की रफ्तार की गई धीमी
वन विभाग और रेलवे प्रशासन की टीम ने रेल पुल संख्या-349 के पास पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया। इस दौरान यात्रियों और वन्यजीव की सुरक्षा को देखते हुए सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस, वंदे भारत एक्सप्रेस सहित इस मार्ग से गुजरने वाली अन्य ट्रेनों की गति अस्थायी रूप से धीमी कर दी गई।
काफी मशक्कत के बाद फिशिंग कैट को सुरक्षित पकड़ लिया गया। रेस्क्यू के दौरान उसने पंजों से हमला कर दिया, जिससे दो वनकर्मी मामूली रूप से घायल हो गए। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों की हालत सामान्य है।
इलाज के बाद प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा
बगहा के रेंजर श्रीमान मालकर ने बताया कि फिशिंग कैट संभवतः किसी ट्रेन की हल्की चपेट में आने से घायल हुई है। उसका उपचार कराया जा रहा है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया जाएगा।
वन विभाग ने रेस्क्यू अभियान में सहयोग करने वाले ग्रामीणों और रेलवे प्रशासन की सराहना की। साथ ही लोगों से अपील की कि किसी भी वन्यजीव के मिलने पर उसे पकड़ने का प्रयास न करें, बल्कि तत्काल वन विभाग को सूचना दें।
