नई दिल्ली: राज्यसभा के उप-सभापति के चुनाव की तारीखों का आधिकारिक ऐलान हो गया है। आगामी 17 अप्रैल 2026 को सुबह 11 बजे उच्च सदन के नए उप-सभापति के लिए मतदान होगा।
हरिवंश फिर बन सकते हैं उम्मीदवार
सूत्रों के अनुसार, सत्ताधारी एनडीए (NDA) एक बार फिर हरिवंश को ही अपना उम्मीदवार बना सकता है। 9 अप्रैल को उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद यह पद खाली हुआ था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा उन्हें पुनः राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने और 10 अप्रैल को शपथ लेने के बाद, उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
आम सहमति बनाने की कोशिश
सरकार की ओर से विपक्ष के साथ तालमेल बिठाने की जिम्मेदारी संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, जेपी नड्डा और पीयूष गोयल को सौंपी गई है।
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रणनीति: सरकार चाहती है कि हरिवंश के नाम पर विपक्ष भी राजी हो जाए ताकि चुनाव की नौबत न आए और नियुक्ति निर्विरोध हो।
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समय सीमा: यदि सहमति बनती है, तो प्रक्रिया 16 अप्रैल को ही पूरी की जा सकती है। नामांकन के लिए 16 अप्रैल दोपहर 12 बजे तक का समय तय किया गया है।
विपक्ष का कड़ा विरोध: “जल्दबाजी” पर उठाए सवाल
कांग्रेस, टीएमसी और वामपंथी दलों ने इस चुनाव की टाइमिंग पर तीखी प्रतिक्रिया दी है:
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लोकसभा का हवाला: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार 7 साल से लोकसभा में ‘डिप्टी स्पीकर’ नियुक्त नहीं कर पाई, वह राज्यसभा में इतनी जल्दबाजी क्यों दिखा रही है?
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संसद का मजाक: टीएमसी नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने आरोप लगाया कि जब सांसद चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, तब सरकार जानबूझकर चुनाव थोप रही है। उन्होंने इसे संसद की गरिमा के साथ मजाक करार दिया।
विशेष सत्र और महिला आरक्षण
यह चुनाव राज्यसभा के उस विशेष सत्र के दौरान होगा जिसमें महिला आरक्षण अधिनियम में संशोधन पर भी विचार किया जाना है। जो सदस्य अभी तक शपथ नहीं ले पाए हैं, वे 16 अप्रैल को शपथ ग्रहण करेंगे। विपक्ष 15 अप्रैल को होने वाली अपनी बैठक में इस मुद्दे पर अपना अंतिम स्टैंड तय करेगा।

