नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोमवार (6 जुलाई) से इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की छह दिवसीय (6-11 जुलाई) द्विपक्षीय यात्रा पर रवाना हो गए हैं। इस महत्वपूर्ण विदेश दौरे पर निकलने से पहले पीएम मोदी ने कहा कि उनकी यह यात्रा भारत की ‘एक्ट ईस्ट पॉलिसी’ और मुक्त व खुले ‘इंडो-पैसिफिक विजन’ को एक नई मजबूती देगी।
पहला पड़ाव: इंडोनेशिया (6-8 जुलाई)
इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्राबोवो सुबियांतो के निमंत्रण पर पीएम मोदी सबसे पहले जकार्ता पहुंच रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति प्राबोवो इस साल 26 जनवरी, 2025 को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि थे। अपनी इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री इंडोनेशियाई राष्ट्रपति के साथ प्रसिद्ध प्रम्बानन मंदिर परिसर का दौरा करेंगे और वहां रह रहे प्रवासी भारतीयों से भी संवाद करेंगे।
दूसरा पड़ाव: ऑस्ट्रेलिया (मेलबर्न)
इंडोनेशिया के बाद पीएम मोदी ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज के निमंत्रण पर मेलबर्न का दौरा करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के तहत रक्षा, सुरक्षा, व्यापार-निवेश, शिक्षा और मोबिलिटी (आवाजाही) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर गहन चर्चा होगी।
तीसरा पड़ाव: न्यूजीलैंड (ऑकलैंड)
दौरे के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री मोदी न्यूजीलैंड के पीएम क्रिस्टोफर लक्सन के बुलावे पर ऑकलैंड पहुंचेंगे। मार्च 2025 में न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री की भारत यात्रा के बाद यह मुलाकात हो रही है। इस दौरान दोनों देश मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर आर्थिक व वाणिज्यिक रिश्तों को नई ऊंचाई देने का संकल्प दोहराएंगे।
