29.5 C
Kolkata
Monday, June 22, 2026

प्लास्टिक कचरा प्रबंधन: ‘प्रतिबंध नहीं, व्यावहारिक और सस्टेनेबल ट्रांजिशन है सही समाधान’ — झारखंड चैम्बर ऑफ कॉमर्स

चैम्बर की ‘पॉलिसी सजेशन उप समिति’ ने की बैठक; प्लास्टिक गार्बेज बैग को सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी से बाहर रखने की मांग

रांची| फेडरेशन ऑफ झारखण्ड चैम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज (FJCCI) की ‘पॉलिसी सजेशंस उप समिति’ की एक महत्वपूर्ण बैठक सोमवार को चैम्बर भवन में आयोजित की गई। बैठक में मुख्य रूप से प्लास्टिक कचरा प्रबंधन एवं पर्यावरण संरक्षण विषय पर गंभीर विमर्श हुआ। चैम्बर के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सर्वसम्मति से इस बात पर विशेष बल दिया कि प्लास्टिक कचरे की समस्या का हल केवल पूर्ण प्रतिबंध लगा देने से नहीं होगा, बल्कि इसके लिए एक व्यावहारिक, वैज्ञानिक और सस्टेनेबल ट्रांजिशन (सतत बदलाव) की नीति अपनानी होगी।

उद्योग, रोजगार और पर्यावरण के बीच संतुलन जरूरी

चैम्बर के सदस्यों ने प्लास्टिक उद्योग के आर्थिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव सरकार के समक्ष रखने की बात कही:

  • लाखों लोगों का रोजगार: सदस्यों ने कहा कि प्लास्टिक इंडस्ट्री देश में लाखों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार देती है। पैकेजिंग, कृषि, स्वास्थ्य (Health) और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में इसकी भूमिका अपरिहार्य है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उद्योग व रोजगार के हितों का संतुलन बनाना बेहद जरूरी है।

  • चरणबद्ध नियंत्रण (Phase-wise Control): अत्यधिक प्रदूषण फैलाने वाले और सिंगल यूज प्लास्टिक (SUP) उत्पादों पर एक झटके में नहीं, बल्कि चरणबद्ध तरीके से नियंत्रण लगाया जाना चाहिए।

  • वैज्ञानिक प्रबंधन और रीसाइक्लिंग: प्लास्टिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को प्राथमिकता दी जाए। उत्पाद निर्माताओं की कचरा संग्रहण (Collection) और पुनर्चक्रण (Recycling) में जिम्मेदारी तय (EPR) की जाए। इसके साथ ही रीसाइक्लिंग उद्योग को सरकार की ओर से आवश्यक वित्तीय और नीतिगत सहायता मिलनी चाहिए।

प्लास्टिक गार्बेज बैग का पुरजोर समर्थन: चेयरमैन शैलेन्द्र सुमन

उप समिति के चेयरमैन शैलेन्द्र सुमन ने कचरा प्रबंधन में प्लास्टिक गार्बेज बैग की उपयोगिता पर विशेष प्रकाश डाला:

राज्य सरकार से आग्रह: चैम्बर ने झारखंड सरकार से पुरजोर मांग की है कि प्लास्टिक गार्बेज बैग को सिंगल यूज प्लास्टिक की श्रेणी से अलग रखा जाए। इनके निर्माण, बिक्री और उपयोग की स्पष्ट अनुमति दी जानी चाहिए ताकि नगर निकायों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और आम नागरिकों को वैज्ञानिक तरीके से कचरा प्रबंधन करने में कोई असुविधा न हो।

बैठक में ये पदाधिकारी रहे उपस्थित

इस महत्वपूर्ण नीतिगत बैठक में चैम्बर के कई शीर्ष पदाधिकारी और कार्यकारिणी सदस्य शामिल हुए:

  • श्री आदित्य मल्होत्रा (अध्यक्ष, झारखण्ड चैम्बर)

  • श्री प्रवीण लोहिया (उपाध्यक्ष)

  • श्री रोहित पोद्दार (सह सचिव)

  • श्री मुकेश अग्रवालश्री अमित शर्मा (कार्यकारिणी सदस्य)

  • श्री शैलेन्द्र सुमन (उप समिति चेयरमैन)

  • सदस्यगण: कुणाल विजयवर्गीय, अनिश सिंह, विजय कुमार महतो, किशन अग्रवाल सहित कई अन्य उद्यमी।

Related Articles

नवीनतम लेख