30 C
Kolkata
Tuesday, June 2, 2026

पीएसीएल निवेश घोटाला: ईडी की बड़ी कार्रवाई, करीब 1,600 करोड़ रुपये की 14 संपत्तियां कुर्क

नई दिल्ली| प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पर्ल्स एग्रोटेक कॉरपोरेशन लिमिटेड (पीएसीएल) से जुड़े कथित निवेश घोटाले की जांच के सिलसिले में एक और बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने पंजाब के रामनगर स्थित जियान सागर एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की 14 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है। ईडी के मुताबिक कुर्क की गई इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य 1,595.85 करोड़ रुपये आंका गया है। दिल्ली जोनल इकाई की ओर से की गई यह बड़ी कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) 2002 के तहत अमल में लाई गई है। इस मामले की शुरुआती जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा उच्चतम न्यायालय के निर्देश पर दर्ज की गई प्राथमिकी के आधार पर शुरू हुई थी।

जांच एजेंसी के अनुसार पीएसीएल लिमिटेड और उससे जुड़ी विभिन्न संस्थाओं ने कृषि भूमि की खरीद-बिक्री और विकास के नाम पर देशभर के लाखों भोले-भाले निवेशकों को अपने जाल में फंसाया था। निवेशकों को लुभाने के लिए एकमुश्त और किस्त भुगतान जैसी आकर्षक योजनाएं पेश की गईं, जिसके जरिए 48,000 करोड़ रुपये से अधिक की विशाल राशि जुटाई गई। इस निवेश प्रक्रिया के लिए निवेशकों से कई तरह के समझौतों और पावर ऑफ अटॉर्नी जैसे कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए थे। इसके बावजूद अधिकांश मामलों में निवेशकों को न तो जमीन का कब्जा दिया गया और न ही उनके पैसे लौटाए गए, जिससे आज भी एक बड़ी राशि बकाया बनी हुई है।

ईडी की सघन जांच में यह खुलासा हुआ है कि देश भर के निवेशकों से जुटाई गई इस गाढ़ी कमाई को अलग-अलग मुखौटा (शेल) कंपनियों और संदिग्ध संस्थाओं के माध्यम से ट्रांसफर किया गया था। बाद में इसी अवैध धन का एक बड़ा हिस्सा जियान सागर एजुकेशनल एंड चैरिटेबल ट्रस्ट की भूमि खरीदने और वहां इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास में निवेश किया गया। यही वजह है कि ईडी ने इन 14 संपत्तियों को अपराध से अर्जित आय मानकर कुर्क किया है। इस मामले में ईडी ने साल 2016 में पहली ईसीआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद लगातार कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है और विशेष पीएमएलए अदालत अब तक इस मामले की सभी पूरक शिकायतों पर संज्ञान ले चुकी है।

Related Articles

नवीनतम लेख