शिमला। हिमाचल प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के निर्धारित सरकारी दौरे में अनुपस्थित रहने वाले तीन वरिष्ठ अधिकारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने तीनों अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं।
19 जुलाई के दौरे में नहीं पहुंचे अधिकारी
लोक निर्माण विभाग के अनुसार 19 जुलाई को मंत्री विक्रमादित्य सिंह का शिमला जिले के चौपाल विधानसभा क्षेत्र के मालकोट और नानहार का दौरा पहले से तय था। कार्यक्रम में कई सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास होना था। इसके अलावा मंत्री को नानहार में आयोजित पारंपरिक बिशु मेले के समापन समारोह में भी शामिल होना था।
विभाग ने बताया कि दौरे का विस्तृत कार्यक्रम 17 जुलाई को ही संबंधित अधिकारियों को भेज दिया गया था। इसके बावजूद जिन अधिकारियों की उपस्थिति आवश्यक थी, वे कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंचे। विभाग का कहना है कि विकास कार्यों की जानकारी देने और परियोजनाओं की प्रगति से मंत्री को अवगत कराने के लिए उनकी मौजूदगी जरूरी थी।
इन अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस
कारण बताओ नोटिस शिमला जोन के मुख्य अभियंता का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे अधीक्षण अभियंता विजय चौधरी, चौथा सर्किल शिमला के अधीक्षण अभियंता दीपक राज चौहान और ठियोग मंडल के अधिशासी अभियंता का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे सहायक अभियंता नितिन ठाकुर को जारी किया गया है।
तीनों अधिकारियों से पूछा गया है कि मंत्री के निर्धारित कार्यक्रम के दौरान वे मौके पर क्यों उपस्थित नहीं थे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया तो उनके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
दौरे के दौरान जताई थी नाराजगी
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने दौरे के दौरान अधिकारियों की अनुपस्थिति पर नाराजगी जताते हुए उनसे फोन पर बात की थी। इस बातचीत का वीडियो बाद में सामाजिक माध्यमों पर वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि तय सरकारी कार्यक्रमों में लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा और अधिकारियों के जवाब के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
