पटना । बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही लगभग 20 वर्ष 5 माह लंबे ‘नीतीश युग’ का अंत हो गया है।
उन्होंने तय समय के अनुसार राज्यपाल सैयद अता हसनैन को लोकभवन पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंपा। इस्तीफा सौंपते समय उनके साथ सम्राट चौधरी और विजय चौधरी भी मौजूद थे। राज्यपाल ने उनका इस्तीफा स्वीकार करते हुए कैबिनेट भंग करने की सिफारिश को भी मंजूरी दे दी।
बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव सामने आया है। सम्राट चौधरी को राज्य का नया मुख्यमंत्री चुना गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग गई है। इसके साथ ही राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है।
कैबिनेट बैठक के बाद नीतीश कुमार निर्धारित समय पर लोकभवन पहुंचे और औपचारिक रूप से इस्तीफा दिया, जिसके बाद नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया।
इधर, भाजपा विधायकों की बैठक के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से सम्राट चौधरी को विधायक दल का नेता चुना गया। अब वे बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
बताया जा रहा है कि इस्तीफे से पहले सम्राट चौधरी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंचे थे। उनके साथ भाजपा के नेता नितिन नवीन, केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान और विजय कुमार सिन्हा भी मौजूद थे।
राजनीतिक हलकों में इस फैसले के बाद हलचल तेज हो गई है और अब सभी की नजरें शपथ ग्रहण समारोह और नई सरकार के गठन पर टिकी हुई हैं।

