नई दिल्ली । गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह (Mundra Port) पर साल 2021 में पकड़ी गई 3,000 किलोग्राम हेरोइन की विशाल खेप से जुड़े धनशोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी की टीमों ने बुधवार सुबह देश की राजधानी दिल्ली में पांच अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई इस मामले के मुख्य आरोपियों में से एक हरप्रीत सिंह तलवार, शमशुद्दीन और उनके करीबियों व सहयोगियों से जुड़े परिसरों पर केंद्रित रही।
केंद्रीय जांच एजेंसी के अनुसार, यह छापेमारी धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत की जा रही है।
मादक पदार्थों की काली कमाई का नाइट क्लबों में निवेश
ईडी की अब तक की वित्तीय जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:
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काले धन को सफेद करने का खेल: जांच में सामने आया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी से जो करोड़ों रुपये की अवैध कमाई (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) हुई थी, उसे दिल्ली के कई नामी नाइट क्लबों (Night Clubs) में निवेश किया गया था।
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वित्तीय कड़ियों की पड़ताल: ईडी इस समय इन नाइट क्लबों के वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और निवेश के वास्तविक स्रोतों से जुड़े दस्तावेजों को खंगाल रही है, ताकि मनी लॉन्ड्रिंग के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार पर पहले ही कस चुका है शिकंजा
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुख्य आरोपी हरप्रीत सिंह तलवार को पूर्व में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
देश का सबसे बड़ा मादक पदार्थ तस्करी मामला
गौरतलब है कि साल 2021 में गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर सीमा शुल्क विभाग और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने करीब 3,000 किलोग्राम हेरोइन जब्त की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत हजारों करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसे भारत के इतिहास के सबसे बड़े ड्रग्स तस्करी मामलों में से एक माना जाता है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एनआईए और ईडी समेत देश की तमाम बड़ी केंद्रीय एजेंसियां इसके आतंकी कनेक्शन और वित्तीय नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही हैं।
