मुंबई । मुंबई सहित महाराष्ट्र के कई तटीय और शहरी इलाकों में बुधवार तड़के से जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुंबई, पालघर और रत्नागिरी जिलों में रेड अलर्ट (Red Alert) जारी किया है। तेज आंधी और भारी जलभराव के कारण सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई है, जिससे दफ्तर और काम पर निकलने वाले आम नागरिकों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
मुंबई में बारिश के प्रमुख आंकड़े (पिछले 24 घंटे)
मुंबई की महापौर रीतू तावड़े के अनुसार, कम समय में अत्यधिक बारिश होने के कारण निकासी व्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में दर्ज की गई बारिश के आंकड़े निम्नलिखित हैं:
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औसत मुख्य शहर: 208 मिमी
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पश्चिमी उपनगर (Western Suburbs): 195 मिमी
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पूर्वी उपनगर (Eastern Suburbs): 167 मिमी
क्षेत्रवार सर्वाधिक वर्षा:
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राममंदिर: 224 मिमी
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कुलाबा: 218.5 मिमी
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सांताक्रूज़: 210.6 मिमी
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सायन: 182.5 मिमी
यातायात और ‘लाइफलाइन’ पर असर
भारी जलभराव के कारण मुंबई की रफ्तार कही जाने वाली परिवहन सेवाएं सुबह के वक्त ठप पड़ गईं, हालांकि प्रशासनिक मशक्कत के बाद इन्हें धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है:
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प्रभावित सेवाएं: मुंबई लोकल ट्रेन, वाशी ट्रांस हार्बर लाइन और मेट्रो सेवाएं कुछ समय के लिए बाधित हुईं।
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सड़क यातायात: सड़कों पर पानी भरने से बेस्ट (BEST) बसें और निजी वाहन रेंगते नजर आए। अंधेरी सबवे और सांताक्रुज सबवे जैसे निचले इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से आवाजाही रोकनी पड़ी।
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जल निकासी: सायन, किंगसर्कल, दादर और लालबाग जैसे जलमग्न इलाकों में नगर निगम (BMC) भारी क्षमता वाले पंपों के जरिए पानी निकालने में जुटा है। सायन के गांधी नगर इलाके से पानी साफ कर लिया गया है।
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अलर्ट की स्थिति: मुंबई, पालघर और रत्नागिरी में जहां ‘रेड अलर्ट’ है, वहीं पड़ोसी जिलों ठाणे, रायगढ़ और सिंधुदुर्ग के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है।
हादसे: वसई-विरार जलमग्न, गिरे पेड़ और दीवार
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वसई-विरार और नालासोपारा: निचले इलाकों जैसे सेंट्रल पार्क, तुलिंज, स्टेशन रोड और गाला नगर में घुटनों तक पानी भर गया है। यदि बारिश का सिलसिला यूं ही जारी रहा, तो लोगों के घरों में पानी घुसने का खतरा मंडरा रहा है।
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मुंबई शहर: दादर और किंग सर्कल में भारी बारिश और हवा के कारण खड़े वाहनों पर पेड़ गिर गए, जिससे गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, विक्रोली में एक मकान की दीवार ढह गई, हालांकि राहत की बात यह रही कि इन हादसों में कोई हताहत नहीं हुआ।
