वीरगंज| भारत और नेपाल के बीच होने वाले द्विपक्षीय व्यापार को लेकर एक बड़ा आंकड़ा सामने आया है। नेपाल के सबसे प्रमुख व्यापारिक प्रवेश द्वार वीरगंज नाके के रास्ते पिछले 10 महीनों में भारत से कुल 2,079 करोड़ रुपये मूल्य के विभिन्न खाद्यान्नों का आयात किया गया है। हालांकि, पिछले साल के मुकाबले इस बार खाद्यान्न के आयात में थोड़ी गिरावट देखने को मिली है।
वीरगंज कस्टम कार्यालय के सूचना अधिकारी उदय सिंह विष्ट द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले आर्थिक वर्ष की समान अवधि (पहले 10 महीनों) की तुलना में इस साल खाद्यान्न आयात के कुल मूल्य में 387 करोड़ रुपये यानी लगभग 15 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। बीते आर्थिक वर्ष के शुरुआती 10 महीनों में इसी नाके से 16 अलग-अलग प्रकार के खाद्यान्नों का कुल 2,466 करोड़ रुपये मूल्य का आयात किया गया था।
चालू वित्त वर्ष के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो नेपाल ने भारत से सबसे ज्यादा धान की खरीदारी की है। इस अवधि में अकेले धान का आयात ही 1,094 करोड़ रुपये मूल्य का रहा है। इसके अलावा, नेपाल के बाजारों की जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से 531 करोड़ रुपये मूल्य का मक्का और 285 करोड़ रुपये मूल्य का चावल वीरगंज सीमा के रास्ते नेपाल पहुंचाया गया।
मुख्य अनाजों के साथ-साथ इस 10 महीने की अवधि में 59 करोड़ रुपये मूल्य का माल्ट (अंकुरित अनाज) और करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य के कुट्टू, कोदो व अन्य मोटे अनाजों का भी आयात हुआ है। कस्टम विभाग के आंकड़ों से स्पष्ट है कि भले ही इस साल वीरगंज नाके से खाद्यान्न आयात के कुल ग्राफ में थोड़ी गिरावट आई हो, लेकिन नेपाल की खाद्य आत्मनिर्भरता के लिए धान, मक्का और चावल अब भी भारत पर प्रमुख रूप से निर्भर हैं।
