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Saturday, June 13, 2026

निजी सहायक सुमित राय की खोज में अभिषेक बनर्जी के घर पर हुई आधी रात को छापेमारी, खाली हाथ लौटी पुलिस

कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट (पोटुआपाड़ा) स्थित आवास पर शनिवार तड़के हुई अचानक छापेमारी से पश्चिम बंगाल की राजनीति में हड़कंप मच गया है। पुलिस सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी का मुख्य उद्देश्य अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित राय की तलाश था। शालबनी थाना पुलिस ने तकनीकी निगरानी (टैपिंग और सर्विलांस) के आधार पर पाया था कि सुमित राय के मोबाइल फोन की आखिरी टावर लोकेशन अभिषेक बनर्जी के इसी घर पर आ रही थी, जिसके बाद कोलकाता पुलिस के सहयोग से यह त्वरित कार्रवाई की गई।

भूमि भ्रष्टाचार मामले में आया था सुमित राय का नाम

जांच एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, पुलिस एक बड़े वित्तीय फर्जीवाड़े और अनियमितता के मामले में सुमित राय की सरगर्मी से तलाश कर रही है। हाल ही में भूमि भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किए गए पूर्व विधायक सुजय हाजरा से जब पुलिस ने रिमांड के दौरान कड़ी पूछताछ की, तो उसमें सुमित राय के नाम का सनसनीखेज खुलासा हुआ था। सुजय हाजरा के बयानों के आधार पर जब पुलिस ने सुमित के मोबाइल की लोकेशन खंगाली, तो अंतिम संकेत सीधे अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास का मिला, जिसके बाद पुलिस ने बिना वक्त गंवाए छापेमारी की योजना बनाई।

तड़के 3 बजे ताला तोड़कर अंदर घुसी पुलिस, 5 घंटे चला सर्च ऑपरेशन

लोकेशन पुख्ता होते ही शालबनी थाने की पुलिस टीम शनिवार तड़के करीब 3:00 बजे अभिषेक बनर्जी के आवास पर धमक पड़ी। पुलिस कर्मियों ने काफी देर तक मुख्य दरवाजा खटखटाया और अंदर मौजूद सुरक्षाकर्मियों व स्टाफ को आवाज दी। जब अंदर से कोई हलचल या प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया के तहत बाहरी दरवाजे का ताला तोड़ दिया और परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद करीब 5 घंटे तक घर के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली गई। हालांकि, सुबह लगभग 8:00 बजे पुलिस टीम को बिना किसी कामयाबी या गिरफ्तारी के खाली हाथ वापस लौटना पड़ा, क्योंकि सुमित राय वहां मौजूद नहीं था।

अभिषेक बनर्जी बोले— ‘यह अनावश्यक उत्पीड़न है, हमारे पास पूरी रिकॉर्डिंग है’

इस औचक कार्रवाई के बाद टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने आधी रात को जबरन ताला तोड़ा और पूरे घर की तलाशी ली, लेकिन उन्हें वहां से कुछ भी बरामद नहीं हुआ। उन्होंने इस पूरी कार्रवाई को राजनीतिक द्वेष से प्रेरित और “अनावश्यक उत्पीड़न” करार दिया। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके परिसर में हुई पुलिस की इस पूरी कार्रवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखी गई है।

मौके पर पहुंचीं ममता बनर्जी, कई जांचों के घेरे में हैं अभिषेक

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी सुबह-सुबह स्थिति का जायजा लेने अभिषेक के आवास पर पहुंचीं। हालांकि, पुलिस कार्रवाई खत्म होने के बाद वे मीडिया से बिना कोई बात किए वहां से रवाना हो गईं।

गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी वर्तमान में कई केंद्रीय और राज्य स्तरीय जांचों के घेरे में हैं। विधानसभा हस्ताक्षर जालसाजी मामले में हाल ही में सीआईडी (CID) ने उनसे लंबी पूछताछ की थी, जिसमें उन्हें आगामी 14 जून को दोबारा पेश होना है। इसके ठीक अगले दिन, यानी 15 जून को उन्हें प्राथमिक शिक्षक भर्ती घोटाले के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) के समक्ष भी हाजिर होना है। ऐसे में इस नई छापेमारी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

 

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