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Saturday, June 13, 2026

हल्दिया में सियासी तनाव के बीच दिखी सौजन्य की तस्वीर: भाजपा विधायक की गाड़ी से सुरक्षित घर लौटे टीएमसी सदस्य

मेदिनीपुर। पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले के हल्दिया में शुक्रवार को भारी राजनीतिक तनाव और रस्साकशी के बीच राजनीतिक सौहार्द की एक अनोखी और सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। स्थानीय स्तर पर तीखे विरोध प्रदर्शनों के कारण देर रात तक कार्यालय में फंसे तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पंचायत समिति सदस्यों की मदद के लिए महिषादल से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक सुभाष चंद्र पांजा आगे आए। उन्होंने अपनी निजी गाड़ी भेजकर विरोधी दल के नेताओं को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने की अनूठी व्यवस्था की।

कार्यालय के बाहर अंडे लेकर खड़े थे प्रदर्शनकारी, घंटों बंधक रहे सदस्य

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हल्दिया पंचायत समिति की अध्यक्ष मौमिता घोड़ाई, उपाध्यक्ष श्रीकांत माइती और अन्य सदस्य शुक्रवार को किसी प्रशासनिक कार्य से कार्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय नाराज लोग और प्रदर्शनकारी कार्यालय के बाहर जमा हो गए। प्रदर्शनकारी हाथों में अंडे लेकर विरोध जताने के लिए डटे हुए थे, जिससे वहां तनाव की स्थिति पैदा हो गई। बाहर बढ़ते हंगामे और असुरक्षित माहौल को देखते हुए पंचायत समिति के टीएमसी सदस्य डर के मारे देर रात तक कार्यालय के अंदर ही बंद रहे और बाहर निकलने का साहस नहीं जुटा सके।

राजनीति अपनी जगह, मानवता अपनी जगह: भाजपा विधायक

जब इस पूरे घटनाक्रम और टीएमसी सदस्यों के कार्यालय में फंसे होने की जानकारी महिषादल के भाजपा विधायक सुभाष चंद्र पांजा को मिली, तो उन्होंने राजनीतिक मतभेदों को दरकिनार कर मानवता का परिचय दिया। विधायक ने तुरंत अपनी गाड़ी भेजी और सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए तृणमूल सदस्यों को उनके गंतव्य तक भिजवाया। इस सौजन्य पर बात करते हुए भाजपा विधायक ने कहा कि उन्हें खबर मिली थी कि पंचायत सदस्य डर के कारण बाहर नहीं निकल पा रहे हैं, इसलिए उन्होंने एक जनप्रतिनिधि के नाते उनकी मदद की व्यवस्था की।

हल्दिया पंचायत समिति का राजनीतिक गणित

गौरतलब है कि हल्दिया पंचायत समिति की राजनीतिक संरचना बेहद दिलचस्प है। यहां कुल 12 सीटें हैं, जिन पर वर्ष 2023 में हुए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कड़ा मुकाबला देखने को मिला था। उस चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 7 सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज कर बोर्ड पर अपना कब्जा जमाया था, जबकि मुख्य विपक्षी दल के रूप में भाजपा को 5 सीटें हासिल हुई थीं। इस राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के बावजूद भाजपा विधायक के इस कदम की इलाके में काफी चर्चा हो रही है।

 

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